अब गाजियाबाद में डीएम सर्कल रेट पर नहीं लगेगा हाउस टैक्स, नगर निगम की बैठक में प्रस्ताव रद्द
Now house tax will not be levied on DM circle rate in Ghaziabad, proposal cancelled in Municipal Corporation meeting

गाजियाबाद। गाजियाबाद नगर निगम में बुधवार को बोर्ड बैठक हुई। इसमें सदन ने सर्वसम्मति से डीएम सर्कल रेट के आधार पर लगे हाउस टैक्स को निरस्त कर दिया। मेयर सुनीता दयाल ने कहा कि बोर्ड के इस निर्णय को जल्द ही शासन को भेजा जाएगा, जिससे जनता को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि कमर्शल प्रॉपर्टी पर हम अधिक से अधिक टैक्स वसूल करके नगर निगम के खजाने को भरेंगे।इस पर नगर आयुक्त विक्रमादित्य मलिक ने कहा कि डीएम सर्कल रेट के आधार पर हाउस टैक्स लागू करने से चार गुणा बोझ बढ़ाने के नाम पर भ्रम पैदा करने का काम किया जा रहा है। उनका तर्क था कि यदि हाउस टैक्स में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी नहीं होती है तो केंद्र एवं प्रदेश सरकार की अनेक योजनाओं से गाजियाबाद को वंचित होना पड़ेगा। योजनाओं में शर्त है कि आय में 25 फीसदी की बढ़ोतरी होनी चाहिए।
यह पहला मौका था कि जब सदन बैठक के दौरान प्रदेश सरकार में मंत्री एवं साहिबाबाद विधायक सुनील शर्मा और मुरादनगर विधायक अजीत पाल त्यागी भी डीएम सर्कल रेट पर संपत्तिकर निर्धारण के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पहुंचे थे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि निगम अधिकारियों को चाहिए कि वह ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करें कि आम जनता पर हर साल संपत्तिकर में 10 फीसदी से अधिक बढ़ोतरी न हो। निगम की आय के लिए कमर्शल प्रॉपर्टी पर टैक्स लगाकर बढ़ाया जाए, जिससे केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं से गाजियाबाद वासियों को वंचित न होना पड़े। बैठक में 2100 करोड़ रुपये का सदन ने बजट एकमत से पास किया।
निगम के पार्षद राजीव शर्मा ने टैक्स के लगाने और वसूली में हो रही गड़बड़ी को लेकर अधिकारियों को घेरने का प्रयास किया। उन्होंने सदन को बताया कि असवर ऑटोमोबाइल पर 83 लाख रुपये का टैक्स लगाया गया था। बाद में उसे 25 लाख कर दिया गया। ऐसे ही लोहियानगर राहुल पैलेस में आवासीय दर पर टैक्स लगाया, जबकि जीडीए में उसे कमर्शल घोषित किया है। इसके अलावा भी उन्होंने कई मामले बताए, जिस पर जोनल प्रभारी से इस संबंध में नगर आयुक्त ने स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने कहा कि अभी इसकी जानकारी नहीं है। इसकी जांच करके सदन के सामने इसकी रिपोर्ट को रखा जाएगा।
पार्षदों ने इस बात पर जोर दिया कि टैक्स को लेकर बहुत अधिक गड़बड़ी हो रही है। पहले ज्यादा टैक्स लगाया जाता है। फिर जब सेटिंग हो जाती है तो टैक्स को कम कर दिया जाता है। मेयर ने कहा कि यदि कोई टैक्स अधिकारी यह समझकर गाजियाबाद में पोस्टिंग करवाया है, तो वह अपना ट्रांसफर करवा ले। यदि किसी प्रकरण में पकड़ा जाता है तो वह सीधे सस्पेंड किए जाने की कार्रवाई होगी। पार्षदों ने इस तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए जोनल चेयरमैन बनाए जाने की बात कही, जिससे पार्षद को बनाया जाए।
अवंतिका एरिया के पार्षद मनोज त्यागी ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत किए जाने के बाद भी बिल्डर को नियमों के खिलाफ जाकर फायदा पहुंचाया जा रहा है। उनके एरिया में कम पैसे लेकर बिल्डर सोसायटी के सीवर कनेक्शन को दिया गया। फिलहाल सदन ने इस प्रकरण की जांच करवाने का आदेश दिया है।
बीजेपी के पार्षद वीरेंद्र त्यागी ने खुलासा किया कि नंदग्राम के वॉर्डों में उत्तर प्रदेश जल निगम की ओर से साफ पानी एवं सीवरेज व्यवस्था में सुधार के नाम पर करीब सौ करोड रुपये खर्च किए गए। इसके बावजूद लाइनों का मिलान नहीं किया गया। गुपचुप तरीके से काम निगम के हैंडओवर कर दिया गया। इसका खामियाजा क्षेत्र के लोग उठा रहे है। सभी पार्षदों ने सीवर का काम देख रही कंपनी की शिकायत की।




