शहर हो या देहात,दिन हो या फिर रात, अन्ना गौवंशो के चलते लोगों का जीना हुआ हराम

श्रवण कुमार तिवारी,(फतेहपुर/ उत्तर प्रदेश)। सरकार द्वारा लाख प्रयास करने के बावजूद भी अन्ना गौवंशो के चलते आज उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद में किसानों का जीना हराम हो गया है।दिन रात किसान खेती किसानी को जी-तोड़ मेहनत करके जैसे-तैसे फसल की तैयारी में आता है। जब उसे फसल दिखाई देने लगती है तभी अन्ना गौवंश भी अपनी नज़र लगाए घूम घूम कर खड़ी फसल को नष्ट करने में उतारू हो जाते हैं। ऐसी दशा में किसानों के दिलों से पूछों कि उनके दिलों में क्या गुजरती है, तो यही कहेंगे कि अन्ना गौवंशो से जीना हराम हो गया है।
आखिर उत्तर प्रदेश सरकार ने अन्ना गौवंशो के लिए जब गौशालाओं की सुन्दर व्यवस्था दे रखी है करोड़ों रुपए खर्च कर रखी है तो फिर इसका कौन हैं जिम्मेदार ? जो किसानों का एक तरफ जीना हराम कर रखा है तो दूसरी तरफ अन्ना गौवंशो को जान बचाने की लगी है।भारी समस्या के दौरान किसान और गौवंशो के बीच जिम्मेदारी वाले लोग शासन प्रशासन को धोखा देकर आंख मिचौली का खेल क्यों खेल रहे हैं? जहां एक तरफ उत्तर प्रदेश सरकार ने अच्छी नस्ल की गौशाला में गाएं पालने वाली मनसा बनाई थी वहीं जिम्मेदारी वाले लोग शासन प्रशासन को धोखा देकर आंख मिचौली का खेल करना शुरू कर दिया। करोड़ों रुपए का खर्च भूंखे बेजुबान गौवंशो के पेट का निवाला भी डकार गए । गौशालाओं में चील कौवे कुत्ते नोच नोच के खाने लगे। सरकार की सोची समझी व्यवस्था को जिम्मेदारों ने ताक पर रख दिया। वहीं दूसरी तरफ यदि विचार किया जाए तो अन्ना गौवंशो का जिम्मेदार क्या वह किसान नहीं है , जिसने बिना कुछ सोचे-समझे गौवंशो को अन्ना कर दिया। तो इसका भोग मान कौन करेगा? किसान को ही तो करना पड़ेगा।
शासन प्रशासन के जिम्मेदार लोग अगर समय रहते अन्ना गौवंशो को बचाने में ध्यान नहीं दिया तो गौवंश ही समाप्त हो जाएगा। फिर सनातन धर्म कर्म दान पुण्य में वैतरणी पार कराने वाली गौमाता कहां मिलेगी? दान पुण्य में पूजा, सेवा आदि में जितना महत्व गौमाता का है उतना किसी का नहीं। क्योंकि सनातन धर्म संस्कृति के आधार पर गौमाता के तन पर तैंतीस कोटि देवताओं का वास होता है। इसीलिए गौमाता हिन्दू धर्म संस्कृति के आधार पर श्रेष्ठ एवं पूजनीय है। अतः गोरक्षक,गोपालक, गौसेवक सहित सभी हिन्दुस्तान के देशवासियों को जागरूक होना होगा तभी गौमाता की जान बचेगी, अस्तित्व बचेगा, सनातन धर्म की रक्षा होगी।




