चिट फंड कंपनियों में 50 लाख रुपये डूबने पर एजेंट ने कर ली आत्महत्या, लोगों के धमकाने से था परेशान

हमीरपुर/उत्तर प्रदेश। हमीरपुर जिले में सैकड़ों लोगों से आधा दर्जन चिट फंड कंपनियों में पचास लाख रुपये का निवेश कराने वाले एजेंट ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बाजार से कारोबार समेटकर कंपनियों के भाग जाने से एजेंट टेंशन में था, उस पर रकम लौटाने के लिए ग्राहक दबाव बना रहे थे। इससे उसे आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर होना पड़ा। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हमीरपुर जिले के सुमेरपुर थाना क्षेत्र के पारा रैपुरा गांव का मूल निवासी राजशेखर प्रजापति सुमेरपुर कस्बे के वार्ड-15 में परिवार समेत रहता था। ये कस्बे में ही चिट फंड कंपनी में एजेंट के रूप में काम करता था। परिजनों के मुताबिक राजशेखर ने रिश्तेदारों, जान पहचान वालों से लाखों रुपये कंपनियों में लगवा दिए थे। रकम डबल होने की स्कीम बताकर आधा दर्जन चिट फंड कंपनियों में पचास लाख रुपये इसने जमा कराए थे, लेकिन पैसा लौटाने से पहले ही एक-एक कर सभी कंपनियां कारोबार समेटकर बाजार से गायब हो गईं। कंपनियों के भाग जाने से ग्राहकों के 50 लाख रुपये डूब गए।
इस मामले की रिपोर्ट भी थाने में दर्ज हुई थी, लेकिन वर्षों बाद भी चिट फंड कंपनियों का कोई पता नहीं चल सका। पिछले कई दिनों से लोग अपनी रकम को लेकर एजेंट पर दबाव बना रहे थे। घर के दरवाजे पर भी ग्राहकों ने जमकर उत्पात मचाया था, जिससे परेशान होकर राजशेखर ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से पत्नी बदहवाश है। वहीं दो बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना पर पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। आत्महत्या के कारणों की भी पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है।
कंपनी के लोगों ने दिया धोखा
मृतक राजशेखर की पत्नी आराधना प्रजापति ने बताया कि यूनीमैक्स, स्वर्ण भारती, एआईएम लाइफ, स्वदेशी सहित आधा दर्जन चिट फंड कंपनियों के एजेंट थे। कंपनियों में नाते रिश्तेदारों और करीबी लोगों का करीब पचास लाख रुपये का निवेश कराया था। हालांकि कंपनियां पैसा लेकर भाग गई। कंपनियों के लोगों ने शुरू में जल्द रकम वापसी का आश्वासन दिया था, मगर बाद में बातचीत भी कंपनियों के लोगों ने बंद कर दी है। चिट फंड कंपनियों में लाखों रुपये का निवेश कराने वाला एजेंट ग्राहकों के दबाव से परेशान था। आराधना प्रजापति ने बताया कि सारा पैसा डकारने के बाद कंपनियों के गायब होने के बाद पति सालों से परेशान थे। इधर कुछ दिनों से उन पर रुपये की वापसी कराए जाने के लिए लोग दबाव बना रहे थे। पिछले दिनों कुछ लोगों ने घर आकर हंगामा भी किया था, जिससे तंग आकर आत्मघाती कदम उठाकर पूरे परिवार को बेसहारा कर दिया है।

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