कठुआ में फूटा जनता का गुस्सा, बिना एसी-कूलर के 22 हजार बिल, 15 साल से बंद दुकान पर 7 लाख का नोटिस

कठुआ में स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली के अत्यधिक बिलों से परेशान लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने बढ़े हुए बिलों को तुरंत वापस लेने और जांच की मांग की, जिसमें बिना एसी-कूलर के 22 हजार और बंद दुकान पर 7 लाख का बिल शामिल है।

जम्मू/एजेंसी। कठुआ शहर में बिजली के अत्यधिक बिलों से परेशान स्थानीय लोगों का सोमवार गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने डीसी दफ्तर के पास बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया और बढ़े हुए बिलों को तुरंत वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद से बिजली के बिलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। उनका कहना है कि वास्तविक खपत कम होने के बावजूद उन्हें भारी-भरकम बिल थमाए जा रहे हैं, जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
प्रदर्शन में शामिल एक बुजुर्ग महिला ने अपनी परेशानी साझा करते हुए बताया कि उनके घर में कोई अधिक बिजली खपत करने वाला उपकरण नहीं है। न तो एयर कंडीशनर है और न ही कूलर। फिर भी उनका बिजली बिल 22,000 रुपये आया है। उन्होंने कहा कि उनकी आय इतनी नहीं है कि वह इतना भारी बिल चुका सकें, जिससे वह बेहद परेशान हैं।
नगर के रहने वाले अशोक कुमार का कहना है कि बीते 15 वर्ष से उनकी दुकान बंद पड़ी हुई है। इसके बावजूद उनका 7 लाख रुपये का बिल आया है। अब यह विभाग ही बताए कि इतना बिल कैसे आया और इसे चुकाएगा कौन। क्योंकि उनके वश में तो बिल देना है नहीं।
वहीं प्रदर्शन कर रहे अन्य लोगों ने बताया कि जब स्मार्ट मीटर लगाए गए थे, तब उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि इससे बिजली के बिल कम आएंगे, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट साबित हो रही है। दिन-ब-दिन बढ़ते बिलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि बिजली विभाग ने जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया और बढ़े हुए बिलों को माफ या संशोधित नहीं किया, तो आने वाले समय में वे बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने विभाग से मांग की है कि स्मार्ट मीटरों की जांच कराई जाए और उपभोक्ताओं को राहत दी जाए।
प्रदर्शनकारियों में शामिल गौ रक्षा दल के प्रधान सन्नी हिंदुस्तानी का कहना है कि सरकार को चेतावनी है कि यदि बिजली के बिल कम न हुए। न ही बिल माफ हुए तो एक बड़े आंदोलन और उग्र रूप का सामना करना पड़ेगा। ऐसे बिली किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।

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