अमेरिका ने कहा ‘शर्ते मानों या ब्लैकलिस्ट हो जाओ’

ट्रंप प्रशासन ने एआई कंपनियों को दिया अल्टीमेटम

वाशिंगटन/एजेंसी। अमेरिका में एआई के सैन्य इस्तेमाल को लेकर अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन और बड़ी टेक कंपनियों के बीच टकराव चरम पर पहुंच गया है। पेंटागन ने एआई स्टार्टअप एंथ्रोपिक को अल्टीमेटम देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि या तो वे बिना मानवीय हस्तक्षेप वाले एआई टूल्स विकसित करें। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कंपनी को अल्टीमेटम देते हुए कहा या तो शर्ते मानें या ब्लेकलिस्ट होने के लिए तैयार रहें।
दरअसल, ट्रंप सरकार चाहती है कि एआई का इस्तेमाल बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के युद्ध और सामूहिक निगरानी के लिए किया जाए।इन सबके बीच एंथ्रोपिक ने अपने दो साल पुराने सख्त सुरक्षा नीतियों में बड़ा बदलाव कर उन्हें लचीला बना दिया है, जिसे वैश्विक सुरक्षा के लिए एक बड़े समझौते के रूप में देखा जा रहा है।
एंथ्रोपिक द्वारा अपनी सख्त ‘रिस्पॉन्सिबल स्केलिंग पॉलिसी’ को हटाकर ‘फ्रंटियर सेफ्टी रोडमैप’ को अपनाया है। एंथ्रोपिक में पहले सुरक्षा नियम ‘अनिवार्य’ थे, जो अब केवल ‘लचीले लक्ष्य’ रह गए हैं। माना जा रहा है कि कंपनी ने इसे अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के दबाव में आकर ऐसा किया है।
कंपनी के सीईओ डारियो अमोदेई ने अपनी नीति को सही पीट हेगसेथ डारियो अमोदेई ठहराते हुए कहा, “अगर प्रतिद्वंद्वी तेजी से आगे बढ़ रहे हों, तो हमारे द्वारा एकतरफा एआई ट्रेनिंग रोकना वास्तव में दुनिया को कम सुरक्षित बना देगा। ऐसे में जरूरत के अनुसार बदलाव समय की मांग है।”
पांच साल पुरानी एंथ्रॉपिक का वैल्युएशन करीब 31.92 लाख करोड़ रुपए हो गया है। यह भारत की टॉप-5 आईटी कंपनियों- टीसीएस, इन्फोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा के संयुक्त मार्केट कैप करीब 20.16 लाख करोड़ रुपए से भी अधिक है।

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