थाने में जातिवाद का जहर, अपने लोगों को दी मलाईदार पोस्टिंग

दिल्ली में एसएचओ के खिलाफ विजिलेंस ने शुरू की जांच

नई दिल्ली। बॉलीवुड फिल्मों में तो आपने पुलिस डिपार्टमेंट में जाति के आधार पर होने वाले भेदभाव के कई सीन देखे होंगे। मगर आज जो हम आपको बताने जा रहे हैं, वो किसी फिल्म का सीन नहीं, बल्कि देश की राजधानी के एक थाने का हाल है। मामला साउथ-ईस्ट दिल्ली के जैतपुर थाने का है। यहां तैनात एक पुलिसवाले ने अपने थाने के एसएचओ के खिलाफ जाति के आधार पर भेदभाव करने जैसे संगीन आरोप लगाए हैं।
ऐसा पहली बार नहीं, जब इस एसएचओ पर इस तरह के भेदभाव का आरोप लगा हो। हालांकि इस बार की खास बात यह है कि इस बार एसएचओ के खिलाफ लिखित शिकायत हो गई है। फिलहाल डीसीपी साउथ ईस्ट मामले को गलत बता रहे हैं, मगर डिस्ट्रिक्ट की विजिलेंस यूनिट में तैनात सूत्र का कहना है कि मामले में हुई शिकायत की जांच का जिम्मा विजिलेंस को ही सौंपा गया है।
पुलिस सूत्र ने बताया, मामले में शिकायत करने वाला थाने में ही तैनात है। उसने अपनी शिकायत में यहां तक दावा किया है कि एसएचओ ने थाने की तमाम बीट का ठेकेदार भी अपनी जाति यानी यादव समाज के पुलिसकर्मियों को ही बनाया है। कोई भी अच्छा या मलाईदार काम होता है तो वो भी उन्हें दिया जाता है। बाकी सिरदर्दी वाले सारे काम दूसरे पुलिसकर्मियों को सौंपे जाते हैं।
इन आरोपों को देखते हुए जिले की विजिलेंस टीम ने जांच शुरू कर दी है। थाने पहुंचकर पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। फिलहाल एसएचओ छुट्टी पर गए हुए हैं।
एक अन्य पुलिस सूत्र ने बताया, एसएचओ पर इस तरह का आरोप एक महिला एसआई भी लगाकर गई थी। वह अब बदरपुर थाने में तैनात हैं, मगर जाने से पहले एसआई ने भी एसएचओ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। यही नहीं साउथ-ईस्ट जिले के कालकाजी थाने में भी इस तरह के आरोप लग रहे हैं। वहां की भी जांच जल्द शुरू हो सकती है।

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