गाजियाबाद में कूड़े पर हंगामा! मोरटा डंपिंग जोन पर मालिक ने लगाई रोक

गाजियाबाद ब्यूरो। शहर में कूड़े को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। कूड़ा उठाने वाली कंपनी मोरटा की जिस जमीन पर डंपिंग कर रही थी, उसके मालिक ने वहां कूड़ा डालने से मना कर दिया है। सोमवार से ही वहां के प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए। अब इसके बाद नगर निगम ने कूड़ा उठाने की नई एजेंसी के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की है। इसमें 15 से 20 दिन का समय लग सकता है। ऐसे में शहर से रोजाना निकलने वाला 1400 मीट्रिक टन कूड़े के निस्तारण की समस्या पैदा हो गई है। हालात काफी बदतर हो सकते हैं, क्योंकि आज से कई दिनों तक बारिश के भी आसार हैं। कांवड़ यात्रा शुरू हो चुकी है और स्कूल भी खुल गए हैं। ऐसे में निगम के सामने यह कड़ी चुनौती होगी कि वह इस समस्या से किस तरह निपटता है।
जीरोन कंपनी ने कूड़ा निस्तारण के लिए करीब 45 बीघा जमीन किसान से किराए पर ली थी। इसका एग्रीमेंट 30 जून को खत्म हो गया है। 24 लाख रुपये प्रति वर्ष की दर से एक साल पहले कंपनी ने यह जमीन लीज रेंट पर ली थी। निगम का आरोप है कि किसान अब इस रेट पर अनुबंध को रिन्युअल नहीं करना चाहता। सूत्र बताते हैं कि निगम प्रशासन और कूड़ा निस्तारण कंपनी के बीच विवाद हो गया है। ऐसे में किसान की मांग है कि वह और एक साल के लिए अपनी जमीन का रेंट 48 लाख रुपये लेगा। साथ ही 1.50 करोड़ रुपये की जमानत की मांग भी कर रहा है। कंपनी के साथ नगर निगम ने कूड़ा बायो टेक्नॉलजी से निस्तारित करने के लिए पिछले साल अनुबंध किया था। कंपनी को नगर निगम प्रति महीने करीब एक करोड़ 60-70 लाख रुपये प्रति महीने की दर से भुगतान कर रहा था। हालांकि पिछले चार महीने से कंपनी को निगम ने भुगतान नहीं किया गया है।
2027 तक है कंपनी के साथ एग्रीमेंट
नगर आयुक्त डॉ. नितिन गौड़ का कहना है कि कंपनी से अभी 2027 तक का एग्रीमेंट है, इसीलिए उसे कूड़ा उठाने के लिए कहा गया है। कंपनी के पास कोई जमीन न होने के कारण कूड़ा निस्तारण की कुछ समस्या हो सकती है। हालांकि नगर निगम मोरटा और आसपास कूड़ा डालने के लिए जमीन की तलाश कर रहा है। इसके लिए जीरोन कंपनी, नगर निगम के अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार यादव, हेल्थ अफसर डॉ. मिथिलेश कुमार जमीन की तलाश में लगे हैं। उम्मीद है कि आज या कल में किसान से जमीन मिल जाए। इसके बाद ही शहर से कूड़ा उठना शुरू होगा।
कूड़ा निस्तारण को मांगे गए हैं टेंडर
जीरोन कंपनी के साथ विवाद के बाद अब नगर निगम प्रशासन ने सोमवार को नई कूड़ा निस्तारण कंपनी की नियुक्ति के लिए टेंडर मांगा है। 12 जलाई को टेंडर डालने का अंतिम दिन है। चार बजे के बाद इसी दिन टेंडर ओपन किया जाएगा। निगम को उम्मीद है कि कोई कंपनी इस के लिए जरूर टेंडर डालेगी। नगर आयुक्त ने बताया कि आरोप है कि एमसीडी के कूड़े के गाजियाबाद मे डाले जाने की जानकारी निगम के हेल्थ अफसर डॉ. मिथिलेश कुमार को थी। इसी को लेकर अब जांच शुरू की गई है। इस मामले में उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्होंने कहा कि मेयर वह उनके बीच बेहतर तालमेल है।




