वाइस ऑफ यूपी के ग्रैंड फिनाले में कौशांबी की वाणी मालवीय ने बनाई टॉप-5 में जगह

कौशांबी की वाणी मालवीय ने 'वॉयस ऑफ यूपी' के ग्रैंड फिनाले में शानदार प्रदर्शन करते हुए टॉप-5 में जगह बनाई। उन्होंने 4.5 लाख प्रतिभागियों के बीच अपनी गायिकी की प्रतिभा दिखाई।

कौशांबी/उत्तर प्रदेश। जिले की होनहार गायिका वाणी मालवीय ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रतिष्ठित वाइस ऑफ यूपी संगीत प्रतियोगिता के ग्रैंड फिनाले में टॉप-5 में स्थान बनाकर कौशांबी का नाम रोशन किया है। प्रदेशभर से करीब साढ़े चार लाख प्रतिभागियों के बीच शुरू हुई इस प्रतियोगिता में वाणी ने पहले टॉप-15 में जगह बनाई और इसके बाद अपने दमदार प्रदर्शन के बल पर ग्रैंड फिनाले तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
प्रतियोगिता का ग्रैंड फिनाले 23 अगस्त को लखनऊ स्थित जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के सभागार में आयोजित हुआ। वाणी ने इस प्रतियोगिता में कौशांबी और प्रयागराज का प्रतिनिधित्व किया। वह वाइस ऑफ यूपी के ग्रैंड फिनाले तक पहुंचने वाली कौशांबी की एकमात्र प्रतिभागी रहीं। उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ ही क्षेत्र और जिले के लोगों में खुशी का माहौल है।
ग्रैंड फिनाले के दौरान वाणी के लिए सबसे भावुक और यादगार क्षण वह रहा, जब उन्हें प्रसिद्ध लोक एवं शास्त्रीय गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी से बातचीत करने का अवसर मिला। वाणी के लिए यह मुलाकात प्रेरणादायक होने के साथ उनके संगीत सफर की यादगार स्मृतियों में शामिल हो गई।
वाणी इससे पहले भी विभिन्न मंचों पर अपनी गायन प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुकी हैं। वह कौशांबी मिशन शक्ति की ब्रांड एंबेसडर रह चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने सा रे गा मा पा लिटिल चैंप्स और इंडियन आइडल के ग्राउंड ऑडिशन में शामिल होने के लिए मुंबई तक का सफर किया है।
वाणी को संगीत की प्रारंभिक शिक्षा अपने घर से ही मिली। उनके माता-पिता जया मालवीय और सात्विक मालवीय जवाहर नवोदय विद्यालय में संगीत शिक्षक हैं। वाणी अपने माता-पिता को अपना पहला गुरु मानती हैं। परिवार में संगीत का माहौल होने के कारण बचपन से ही उनके भीतर गायन के प्रति रुचि विकसित हुई।
वाणी की सफलता पर उनके माता-पिता और भाई वनद मालवीय ने खुशी जताते हुए इसे परिवार और जिले के लिए गौरव का क्षण बताया। जवाहर नवोदय विद्यालय टेवां के प्राचार्य विनोद त्रिपाठी ने भी वाणी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि वाणी की उपलब्धि यह संदेश देती है कि यदि व्यक्ति को अपने हुनर पर विश्वास हो और वह लगातार मेहनत करे तो छोटे शहरों और कस्बों से निकलकर भी बड़े मंचों पर अपनी पहचान बनाई जा सकती है।

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