इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में मीडिया के छात्र की वाटर कूलर का पानी पीने से मौत! वीसी के खिलाफ दर्ज हुआ केस

प्रयागराज,(उत्तर प्रदेश)। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के आर्ट फैकल्टी में मंगलवार को दोपहर में मीडिया स्टडीज के छात्र आशुतोष दुबे की वाटर कूलर से पानी पीने के बाद तबियत बिगड़ गई। समय से ईलाज न मिलने की वजह से उसकी मौत हो गई। सहपाठियों में इस घटना को लेकर काफी आक्रोश है। वहीं परिजनों ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कर्नलगंज कोतवाली में तहरीर दी है। मिली जानकारी के अनुसार उतरांव थाना क्षेत्र के आराखुर्द गांव के रहने वाले गणेश शंकर दुबे का इकलौता बेटा आशुतोष दुबे इलाहाबाद विश्वविद्यालय में मीडिया स्टडीज के पांचवें सेमेस्टर का नियमित छात्र था। आशुतोष दुबे अल्लापुर में अपनी बुआ के लड़के के साथ रहकर पढ़ाई करता था। मंगलवार को दोपहर करीब 1 बजे आशुतोष दुबे ने परिसर में लगे वाटर कूलर से पानी पिया। कुछ देर बाद अचानक से उसकी तबियत बिगड़ गई। वह गश खाकर गिर पड़ा। उपचार के लिए आशुतोष दुबे को लेकर छात्र डीन ऑफिस पहुंचे, जहां ऐंबुलेंस की मांग की गई लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारी किसी तरह की मदद नहीं कर पाए।
जब काफी देर हो गई तो छात्र ई-रिक्शा से बीमार छात्र आशुतोष दुबे को एसआरएन हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने आशुतोष दुबे को मृत घोषित कर दिया। इसे लेकर छात्रों में काफी आक्रोश है। मृत छात्र आशुतोष दुबे के पिता गणेश शंकर दुबे ने अपने इकलौते पुत्र की मौत का जिम्मेदार विश्वविद्यालय प्रशासन, कुलपति संगीता श्रीवास्तव, कुलसचिव आचार्य नरेंद्र शुक्ल, डीएसडब्लू शांति सुंदरम, प्रॉक्टर राकेश सिंह को बताते हुए कर्नलगंज थाने में देर रात तहरीर दी है।
मृतक छात्र आशुतोष दुबे के पिता गुलाब शंकर दुबे ने आरोप लगाया है कि उक्त जिम्मेदार लोगों की शिथिलता, अमानवीयता, घोर लापरवाही के कारण समय से उपचार न मिलने से उनके बेटे की जान चली गई। उसके साथ पढ़ने वाले छात्र विश्वविद्यालय प्रशासन से ऐंबुलेंस की मांग करते रहे लेकिन गेट तक पहुंची एंबुलेंस को सुरक्षा कारणों से गेट पर तैनात गार्डों ने अंदर नहीं जाने दिया और कोई अन्य मदद भी नहीं मिली। इससे घंटों बिलंब हुआ और समय से इलाज न मिलने के कारण उनके बेटे की मौत हो गई।
बता दें कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा परिसर में आपातकालीन चिकित्सा के लिए एक एंबुलेंस और डॉक्टर की टीम हमेशा विश्वविद्यालय परिसर में ऑन पेपर तैनात रहती है लेकिन मौके पर मीडिया स्टडीज के छात्र की तबीयत बिगड़ी और वह तड़प- तड़प कर मर गया। उसे किसी भी तरह का प्राईमरी ट्रीटमेंट भी नहीं मिल पाया। जिसको लेकर छात्रों में काफी आक्रोश है छात्रसंघ भवन पर एकत्र हो कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

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