प्रयागराज महाकुंभ में पहुंचे इंदौर के ‘बवंडर बाबा’, 47 महीनों से कर रहे हैं यात्रा
Indore's 'Bawandar Baba' reached Prayagraj Maha Kumbh, has been travelling for 47 months

इंदौर/मध्य प्रदेश। इंदौर से ‘बवंडर बाबा’ महाकुंभ 2025 में शामिल होने प्रयागराज पहुंचे हैं। वे पिछले 47 महीनों से सनातन धर्म की रक्षा के लिए बाइक से देशभर का भ्रमण कर रहे हैं। उनका मुख्य उद्देश्य हिन्दू देवी-देवताओं के चित्रों और मूर्तियों के अपमान के खिलाफ लोगों को जागरूक करना है। बाबा का मानना है कि यह अपमान खुद हिंदुओं द्वारा ही किया जा रहा है। महाकुंभ में अब तक 10 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। देश-विदेश से साधु-संत और श्रद्धालु 13 जनवरी से चल रहे इस महाकुंभ में शामिल हो रहे हैं।
‘बवंडर बाबा’ ने बताया, “मैं पूरे भारत की यात्रा पर हूं। करीब 47 महीनों से यात्रा कर रहा हूं। इस यात्रा का उद्देश्य हिन्दू देवी-देवताओं की छवियों और मूर्तियों के प्रति दिखाए गए अनादर के प्रति जागरुक फैलाना है। हिंदुओं द्वारा हिंदू देवताओं का अपमान किया जा रहा है। बाबा का सवाल है कि आखिर हिंदू अपने ही देवी-देवताओं का अनादर क्यों करते हैं? चाहे शादी के कार्ड हों, अगरबत्ती हो, पटाखे हों या कैलेंडर, हर जगह देवी-देवताओं की तस्वीरों का अनादर होता है।
बाबा ने आगे बताया कि जिन मूर्तियों या तस्वीरों की हम पूरे साल पूजा करते हैं, अगर वो टूट जाती हैं तो उन्हें सड़क किनारे या पीपल के पेड़ के नीचे नहीं फेंकना चाहिए। उन्होंने सनातन संस्कृति के तीन नियम बताए। पहला, खंडित मूर्तियों को ज़मीन में गाड़ दें। दूसरा, उन्हें अग्नि में भस्म कर दें। तीसरा, उन्हें पानी में विसर्जित कर दें। बाबा ने चेतावनी दी कि अगर हिन्दू अभी भी नहीं समझे तो बांग्लादेश में हिन्दुओं के साथ जो हो रहा है, वही यहां भी होगा। जब उनसे उनके नाम के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उन्हें ‘बवंडर बाबा’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे एक विशेष उद्देश्य के साथ देशभर में घूम रहे हैं। बाबा चाहते हैं कि लोग उनके अभियान से जुड़ें और देवी-देवताओं का अपमान न करें। उन्होंने सवाल किया कि क्या किसी ने कभी दूसरे धर्म के लोगों को अपने भगवान का अपमान करते देखा है? जब वे ऐसा नहीं करते तो हम क्यों करते हैं? बाबा लोगों से अपील करते हैं कि वे अपने धर्म का सम्मान करें।




