दस हजार की नौकरी करने वाले युवक के नाम पर कंपनी, 4.82 करोड़ का सीजीएसटी का नोटिस आया तो उड़े होश

बदायूं/उत्तर प्रदेश। बदायूं में मेडिकल स्टोर पर नौकरी करने वाले युवक को 4.82 करोड़ रुपये का सीजीएसटी (सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स) का नोटिस जारी कर दिया गया है। जब नोटिस घर पहुंचा तो युवक के होश उड़ गए। उन्होंने बताया कि उनके आधार और पैन कार्ड का किसी ने दुरुपयोग किया है।
नौसेरा गांव निवासी रामबाबू पुत्र बदन सिंह मेडिकल स्टोर में सेल्समैन की नौकरी करते हैं। उन्हें प्रतिमाह 10 हजार रुपये मिलते हैं। 14 जुलाई को सीजीएसटी इंस्पेक्टर उनके घर आए और 4.82 करोड़ रुपये का नोटिस थमा दिया। नोटिस देख उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। नोटिस देखा तो उसमें रामबाबू के नाम पर मैसर्स पाल इंटरप्राइजेज फर्म रजिस्टर्ड है। इस फर्म ने 27 करोड़ रुपये का ऑनलाइन कारोबार किया है। उसमें जो मोबाइल नंबर है, वह रामबाबू का नहीं हैं और अब बंद है।
रामबाबू ने बताया कि करीब एक साल पहले वह ऑनलाइन नौकरी ढूंढ रहे थे। उसी दौरान एक युवती ने उससे संपर्क किया और नौकरी दिलाने की बात कही। उसी दौरान उन्होंने आधार और पैन कार्ड मांग लिए थे। फिर उसने नौकरी नहीं दिलाई और मोबाइल नंबर बंद कर लिया। आरोप है कि उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उसने रामबाबू के नाम से फर्म बनाई और 27 करोड़ रुपये का ऑनलाइन व्यापार कर डाला। जब फर्म ने रिटर्न दाखिल नहीं किया तो रामबाबू के घर पर नोटिस आ गया।
रामबाबू ने बताया कि एक-दो बार युवती ने बात की, इसके बाद उसने नंबर भी बंद कर लिया। साक्षात्कार कब होगा, नौकरी कब मिलेगी, इसके बारे में उसने कुछ नहीं बताया। थक-हारकर मेडिकल स्टोर पर सेल्समैन की नौकरी कर ली।
टैक्स से जुड़े अधिवक्ता पंकज सिंह ने बताया कि सीजीएसटी की ओर से सर्वे न होने की वजह से इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। एक मामला शाहजहांपुर में सामने आ चुका है, अब यह दूसरा मामला बदायूं में सामने आया है। एसएसपी डॉ बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित की ओर से ऐसा कोई शिकायती पत्र नहीं मिला है। अगर ऐसा है तो पीड़ित को साइबर थाने जाकर रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए। पीड़ित आता है तो मामला दर्ज कराके उसको न्याय दिलाया जाएगा।

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