आवारा जानवरों से फसल बचाने के लिए किसान ने निकाला अनोखा तरीका, ‘भालू’ बनकर कर रहा रखवाली

The farmer found a unique way to save the crop from stray animals, he is guarding it by becoming a 'bear'

  • किसान ने भालू का वेश धारण कर फसल की रक्षा की
  • ग्रामीणों ने चंदा जमा कर खरीदी भालू की पोशाक
  • सोशल मीडिया पर रामनरेश की तरकीब हुई वायरल

हरदोई/उत्तर प्रदेश। हरदोई की संडीला के एक किसान ने घुमंतू जानवरों और बंदरों से फसल की सुरक्षा के लिए एक नया तरीका निकाला है। यह किसान भालू का रूप धारण खेत की रखवाली करता है, जिसके चलते अब घुमंतू जानवर या बंदर उसके खेत की फसल को नुकसान नहीं पहुंचा रहे हैं।दरसल सण्डीला तहसील क्षेत्र में घुमंतू जानवर खेतों में खड़ी फसल को बहुत नुकसान पहुंचा रहे हैं। घुमंतू जानवर झुंड में आते हैं और कुछ ही देर में फसल को चट कर निकल जाते हैं जिसकी वजह से किसान परेशान हैं। भीषण ठंड के बावजूद दिन रात खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं। यहां कुछ गांवों में बंदरों द्वारा भी फसल को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
सण्डीला खण्ड की ग्राम पंचायत बघुआमऊ के निवासी मूक बधिर रामनरेश ने घुमंतू जानवर खेत की तरफ ना आएं इसकी तरकीब निकाली। रामनरेश बोलने और सुनने में भले ही असमर्थ है लेकिन इशारों में वे बात करते हैं तो गांव वाले समझ जाते। उन्होंने जब भालू वेश धारण कर जानवरों को डराने की तरकीब गांव वालों को इशारों में बताई तो गांव वालों को उनकी तरकीब अच्छी लगी। अब भालू जैसी पोशाक कहां मिले इसको लेकर जानकारी की जाने लगी। इसी दौरान सण्डीला कस्बे के एक दुकानदार ने उन्हें पोशाक लाने का भरोसा दिया और पोशाक की कीमत 1500 रुपये बताई।
रामनरेश के पास खुद इतने रुपये नहीं थे कि वे पोशाक खरीद पाते इसलिए ग्रामीणों ने चंदा जमा करना शुरू किया। किसी ने 20 तो किसी ने 50 व 100 रुपये भी दिए। चार दिन में 1500 जमा हो गए। रामनरेश ने सण्डीला जाकर दुकानदार को रुपये दिए जिसके तीसरे दिन उन्हें भालू की पोशाक मिल गयी। पोशाक पहनकर रामनरेश खेतों की तरफ निकले तो खेतों के आस पास पेड़ों पर बैठे बंदर भागने लगे।रास्ते मे कुछ घुमंतू जानवर थे वह भी डरकर भाग गए,रात में कोई भी जानवर खेत की तरफ नहीं आया।अब रामनरेश अपना तो खेत बचाते ही हैं आस पास जो भी खेत हैं उसकी घूम-घूमकर रखवाली करते रहते हैं। कुछ किसानों के दूर खेत हैं बीच-बीच मे वह भी भालू वेशधारी रामनरेश को खेतों पर ले जाते हैं। जानवरों में इस कदर दहशत हुई है कि अब वह खेतों की तरह मुंह नहीं कर रहे हैं जिससे किसानों को बहुत राहत मिली है। भालू वेशधारी रामनरेश सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं,लोग उनकी फोटो और वीडियो जमकर शेयर कर रहे हैं। लोगों को यह तरकीब बहुत अच्छी लगी है। जिले के अन्य किसान भी इस तरकीब को अपनाने की तैयारी में जुट गए हैं।

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