यूपी में फिर माहौल बिगाड़ने की कोशिश, अब मांस से भरा बोरा फेंका

थाने में हंगामा करते हिंदू संगठन के लोग।
सहारनपुर,(उत्तर प्रदेश)। सहारनपुर जनपद में नकुड़ और मिरगपुर के बाद सरसावा में शरारती तत्वों ने गोशाला के गेट के पास मांस से भरा बोरा फेंक दिया। इसके पास ही डिजिटल लाइब्रेरी की छत पर भी पशु अवशेष मिले हैं। इससे गुस्साए लोग नारेबाजी करते हुए जुलूस के रूप में थाने पर पहुंचे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। इससे पहले रविवार को नकुड़ में दो धार्मिक स्थलों और व्यसन मुक्त गांव मिरगपुर में भी इसी तरह की घटना कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई थी। पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लिया है। मिरगपुर के ग्रामीणों ने सोमवार को गांव में विशेष वर्ग के लोगों के आने पर रोक लगा दी है और पुलिस प्रशासन को घटना के खुलासे के लिए दो दिन का अल्टीमेटम दिया है। बुधवार को सर्वसमाज की महापंचायत बुलाई है। दो दिन एक ही तरह से पांच घटनाएं होने के पीछे गहरी साजिश होने की आशंका जताई जा रही है। रविवार को नकुड़ और मिरगपुर में गण्यमान्य लोगों और पुलिस ने समझदारी दिखाई व आक्रोशित लोगों को शांत कर माहौल बिगड़ने से बचाया। इनकी सूझबूझ के कारण शरारती तत्वों की साजिश नाकाम हो गई तो सोमवार को सरसावा में कोशिश की गई। बाबा फकीरादास की शिक्षाओं के कारण देवबंद से सटा गांव मिरगपुर सैकड़ों वर्षों से व्यसन मुक्त है। यहां मांस, मदिरा, बीड़ी-सिगरेट, तंबाकू सहित 17 तामसिक वस्तुओं को सेवन पर प्रतिबंध है। यह गांव इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में व्यसन मुक्त गांव के रूप में दर्ज है। एसडीएम देवबंद दीपक कुमार ने बताया कि जो भी दोषी हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। इससे पहले रविवार दोपहर करीब बजे नकुड़ कस्बे में दो धार्मिक स्थलों के पास मांस फेंकने की घटना हुई थी और हिंदू संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने हंगामा भी किया।
हंगामा करते क्षेत्रवासी
व्यसन मुक्त गांव मिरगपुर में गुरु बाबा फकीरादास की तपोस्थली के समीप मांस फेंक कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश से ग्रामीणों में जबरदस्त गुस्सा है। रविवार रात ग्रामीणों और पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। ग्रामीणों ने सोमवार सुबह गांव में मुनादी कराकर वर्ग विशेष के किसी भी व्यक्ति के गांव में घुसने पर रोक लगाने का एलान किया है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी यदि दो दिन के भीतर शरारती तत्वों को चिन्ह्ति कर कार्रवाई नहीं की तो वह बुधवार को सर्व समाज की पंचायत बुलाकर आगे की रणनीति बनाएंगे। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया है।
हंगामा करते क्षेत्रवासी
देवबंद के गांव मिरगपुर में यह घटना रविवार की रात्रि करीब 9.30 बजे की है। मंदिर परिसर की सीढ़ियों के रास्ते लौटे रहे कुछ ग्रामीणों ने बाइक सवार तीन-चार युवकों को भागते हुए देखा। जब वह नीचे उतरे तो उन्होंने मांस पड़े देखा। लोगों की भारी भीड़ वहां एकत्र हो गई। सूचना पर एसडीएम दीपक कुमार व सीओ रामकरन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और आक्रोशित लोगों को दो दिन के भीतर कार्रवाई करने का आश्वासन दिलाकर उनसे गुस्से को शांत किया। पुलिस ने मांस के टुकड़ों को कब्जे में ले लिया। सीओ रामकरन का कहना है कि मंदिर के समीप सड़क पर मांस किसने फेंका, इसकी पुलिस गंभीरता के साथ जांच कर रही है। माहौल बिगाड़ने का प्रयास करने वाले शरारती तत्व कोई भी हो उसे किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सोमवार सुबह भी एसडीएम और सीओ ने गांव में जाकर ग्रामीणों से बातचीत कर घटना के जल्द खुलासे का आश्वासन दिया।
प्रदर्शन करते क्षेत्रवासी
अंतरराष्ट्रीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी विरेंद्र सिंह गुर्जर ने कहा कि कुछ लोगों ने ऐसा घिनौना कृत्य कर उनकी धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को दो दिन के भीतर मामले का खुलासा करने अल्टीमेटम दिया है। सहारनपुर जनपद में सरसावा के मोहल्ला चौधरीयान में सोमवार को गोशाला के पास पशु अवशेष से भरा प्लास्टिक का बोरा मिलने से लोगों में आक्रोश फैल गया। इसके पास ही डिजिटल लाइब्रेरी की छत पर पशु अवशेष मिले हैं। इससे आक्रोशित हिंदू संगठनों से जुड़े लोग नारेबाजी करते हुए जुलूस के रूप में थाने पहुंचे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने मामले के खुलासे के लिए दो दिन का समय मांगा और लोगों को समझा-बुझाकर वापस भेजा।
प्रदर्शन करते क्षेत्रवासी
पंचायती गोशाला संचालक कमेटी के संजय जैन और सुभाष माहेश्वरी ने बताया कि सुबह छह बजे के करीब वे गोशाला में सफाई आदि करने आए तो देखा कि मुख्य द्वार के समीप एक प्लास्टिक कट्टे में पशुओं के अवशेष रखे मिले। सूचना पर थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने मौके पर पहुंच कर जानकारी ली। पालिकाध्यक्ष विजेंद्र मोगा समेत बड़ी संख्या में लोग गोशाला पहुंचे। पालिकाध्यक्ष विजेंद्र मोगा ने पुलिस के समक्ष विरोध जताते हुए आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। मामले की नजाकत को समझते हुए पुलिस ने सफाई कर्मियों के माध्यम से सफाई कराकर दो पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच करते हुए आरोपी को तलाश करने की कोशिश की।

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