फुटबॉल के मैदान में जमकर चले लात-घूंसे, एक मैच में दिखाए गए 51 रेड कार्ड, बना विश्व रिकॉर्ड!
ब्राजील में फुटबॉल का मैदान अखाड़ा बन गया, जब खिलाडियों के बीच जमकर मारपीट हुई, जिसके बाद रिकॉर्ड 51 रेड कार्ड दिखाए गए।

स्पोर्ट्स डेस्क, रियो डी जनेरियो। ब्राजील में अंडर-20 स्तर के एक राज्य स्तरीय फुटबॉल मुकाबले में खिलाड़ियों के बीच हुई जमकर मारपीट ने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। मैच के दौरान और उसके समाप्त होने के बाद हालात इतने बिगड़ गए कि रेफरी को कुल 51 लाल कार्ड दिखाने पड़े। फुटबॉल इतिहास की इस असाधारण घटना को खेल के मैदान पर अनुशासनहीनता की बड़ी मिसाल माना जा रहा है। यह संख्या पेशेवर फुटबॉल मुकाबलों में अब तक दर्ज सबसे अधिक लाल कार्ड के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ सकती है।
यह घटना ब्राजील के मिनास गेरैस राज्य की अंडर-20 चैंपियनशिप के दूसरे डिवीजन के सेमीफाइनल मुकाबले में हुई। रविवार को खेले गए इस मैच में ममोरे की टीम ने उबरलांडिया को 3-1 से पराजित किया। हालांकि मुकाबले का परिणाम बाद में विवाद और हिंसक झड़प के कारण चर्चा में आ गया। मैच के दौरान और अंतिम सीटी बजने के बाद खिलाड़ियों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मैदान पर लात-घूंसे चलने लगे और दोनों टीमों के खिलाड़ियों के साथ अधिकारी भी इस घटना की चपेट में आ गए।
इस पूरे घटनाक्रम में कुल 43 खिलाड़ियों और आठ टीम अधिकारियों को लाल कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर कर दिया गया। रेफरी के इस फैसले ने फुटबॉल जगत को हैरान कर दिया है। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अनुसार, पेशेवर फुटबॉल मुकाबले में इससे पहले सबसे अधिक 36 लाल कार्ड दिखाए जाने का रिकॉर्ड दर्ज था। यह घटना वर्ष 2011 में अर्जेंटीना के पांचवें डिवीजन के एक मुकाबले में हुई थी, जिसमें एटलेटिको क्लायपोल और विक्टोरियानो एरेनास की टीमें आमने-सामने थीं।
रविवार को हुए मुकाबले के रेफरी फर्नांडो पैट्रिक मोडेस्टो की मैच रिपोर्ट के अनुसार, ममोरे की ओर से अंतिम गोल किए जाने के बाद मैदान पर विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच मारपीट होने लगी। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कोचिंग स्टाफ और टीम अधिकारियों को भी लाल कार्ड दिखाने पड़े। रिपोर्ट में खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ सहित 48 लोगों को लाल कार्ड दिखाकर बाहर भेजे जाने का उल्लेख है, जबकि कुल आंकड़ा 51 बताया गया है।
फुटबॉल में लाल कार्ड किसी खिलाड़ी या अधिकारी के गंभीर अनुशासनहीन व्यवहार पर दिया जाने वाला सबसे कठोर दंड है। इसके बाद संबंधित व्यक्ति को मैदान छोड़ना पड़ता है। लेकिन एक ही मुकाबले में इतनी बड़ी संख्या में लाल कार्ड दिखाए जाने की घटना ने खेल भावना, खिलाड़ियों के अनुशासन और मैदान पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस मुकाबले की पहचान रोमांचक फुटबॉल और प्रतिस्पर्धा के रूप में होनी चाहिए थी, वह हिंसक झड़प और रिकॉर्ड संख्या में लाल कार्ड दिखाए जाने के कारण सुर्खियों में आ गया।




