धनतेरस पर 557 परिवारों को मिला नए घरों का तोहफा, दिसंबर 2029 तक पूरा होगा बीडीडी पुनर्विकास प्रोजेक्ट

मुंबई में धनतेरस के मौके पर 557 परिवारों को नए घरों की चाबियां मिलीं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में हाउसिंग विभाग संभाल डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने लोगों को घर की सौगात दी। ये मकान म्हाडा द्वारा तैयार किए गए हैं।

मुंबई में 557 परिवारों को मिले नए घर।

मुंबई,एजेंसी। मुंबई में अपने घर का सपना संजोए 557 परिवारों का वर्षों का इंतजार शुक्रवार को पूरा हो गया। धनतेरस के शुभ अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार की मौजूदगी में लोअर परेल के एन.एम. जोशी मार्ग स्थित बीडीडी पुनर्विकास परियोजना के तहत 557 परिवारों को नए घरों की चाबियां सौंपीं। इन परिवारों को सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त 500 वर्ग फुट के घर दिए गए। इसके अलावा मुंबई के 140 सफाई कर्मचारियों को भी एक अन्य कार्यक्रम में घरों की चाबियां सौंपी गईं।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बीडीडी चॉल पुनर्विकास परियोजना को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि वर्षों से लोगों के मन में सवाल था कि क्या बीडीडी चॉल का पुनर्विकास कभी पूरा हो पाएगा। अब लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। सरकार इस परियोजना को 100 प्रतिशत तय समय पर पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि काम रोका नहीं गया है, बल्कि पूरी गति से आगे बढ़ाया जा रहा है। शिंदे ने भरोसा दिलाया कि पूरी परियोजना के तहत घरों का वितरण दिसंबर 2029 तक पूरा कर लिया जाएगा।

शिंदे ने पुलिस आवास योजना का जिक्र करते हुए बताया कि पहले पुलिस आवास की कीमत 50 लाख रुपये निर्धारित की गई थी, लेकिन निवासियों की मांग को देखते हुए इसे घटाकर 15 लाख रुपये करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि निर्माण लागत के अंतर और अन्य सुझावों पर भी सकारात्मक रूप से विचार किया जाएगा। म्हाडा का उद्देश्य मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि लोगों को गुणवत्तापूर्ण आवास और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

मुंबई के विकास का उल्लेख करते हुए शिंदे ने कहा कि कोस्टल रोड, अटल सेतु, मेट्रो नेटवर्क, वर्ली-वर्सोवा-मीरा-भायंदर कॉरिडोर, ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर एलिवेटेड रोड, घोड़बंदर बाईपास और ऑरेंज गेट-मरीन ड्राइव टनल जैसी परियोजनाएं शहर की तस्वीर बदल रही हैं। उन्होंने बताया कि अगले 15 से 20 वर्षों में मुंबई और महानगर क्षेत्र में 20 से 25 लाख घर बनाने का लक्ष्य है। इसमें किफायती आवास, किराये के मकान और महिला कामगारों, विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों तथा मिल के पूर्व कर्मचारियों के लिए विशेष आवासीय सुविधाएं विकसित करना शामिल है।

उपमुख्यमंत्री ने शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के 40 लाख घर बनाने के सपने को पूरा करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य मुंबई को झुग्गी-मुक्त शहर बनाना है। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर, विधान परिषद के उपसभापति सचिन अहीर, मंत्री आशीष शेलार, राज्य मंत्री पंकज भोयर, सांसद मिलिंद देवरा, मुंबई की महापौर रितु तावड़े, उपमहापौर संजय घाडी, विधायक सुनील शिंदे और मनीषा कायंदे सहित कई जनप्रतिनिधि तथा म्हाडा के उपाध्यक्ष संजीव जायसवाल मौजूद रहे।

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