धनतेरस पर शेयर बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स में 1718 अंकों की जोरदार छलांग

धनतेरस के मौके पर भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखी गई। सेंसेक्स 1718 अंक उछलकर 81,028 पर और निफ्टी 493 अंक बढ़कर 25,030 पर बंद हुआ।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। धनतेरस के शुभ अवसर पर भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। घरेलू शेयर बाजार ने लगातार सातवें कारोबारी सत्र में बढ़त दर्ज करते हुए निवेशकों को शानदार तोहफा दिया। शुक्रवार, 6 नवंबर को सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक जोरदार उछाल के साथ बंद हुए। निफ्टी एक बार फिर 25 हजार के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करने में सफल रहा, जबकि सेंसेक्स में 1700 अंकों से अधिक की तेजी दर्ज की गई। इस बीच भारतीय रुपये ने भी मजबूती दिखाई और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 56 पैसे की बढ़त के साथ 93.91 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। पिछले कारोबारी सत्र में रुपया 94.47 रुपये प्रति डॉलर पर था।

कारोबार समाप्त होने पर बीएसई का सेंसेक्स 1,718.01 अंक यानी 2.17 प्रतिशत की जोरदार बढ़त के साथ 81,028.02 अंक पर पहुंच गया। वहीं एनएसई का निफ्टी 493.75 अंक यानी 2.01 प्रतिशत की तेजी के साथ 25,030.35 अंक पर बंद हुआ। बाजार में इस तेजी के बावजूद शेयरों की चाल एक जैसी नहीं रही। कारोबारी सत्र के दौरान कुल 1,681 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, जबकि 2,400 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं 148 शेयरों के भाव में कोई खास बदलाव नहीं हुआ। इससे स्पष्ट हुआ कि चुनिंदा बड़े शेयरों में खरीदारी ने प्रमुख सूचकांकों को मजबूती प्रदान की।

शुक्रवार के कारोबार में निफ्टी के प्रमुख तेजी वाले शेयरों में आईसीआईसीआई बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, टाइटन कंपनी और एक्सिस बैंक शामिल रहे। इन कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की मजबूत खरीदारी देखने को मिली। दूसरी ओर आयशर मोटर्स, पावर ग्रिड कॉरपोरेशन, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, अडानी एंटरप्राइजेज और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

क्षेत्रवार प्रदर्शन पर नजर डालें तो बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिला। एनर्जी, मीडिया और रियल्टी सेक्टर में करीब एक-एक प्रतिशत की गिरावट रही। इसके विपरीत कंज्यूमर ड्यूरेबल, निफ्टी बैंक, फार्मा और प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर में एक से तीन प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। खासतौर पर बैंकिंग शेयरों में आई खरीदारी ने बाजार को ऊपर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हालांकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में दबाव देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप सूचकांक 0.2 प्रतिशत और स्मॉलकैप सूचकांक 0.8 प्रतिशत गिरकर बंद हुए। इसके साथ ही इन दोनों सूचकांकों की लगातार चार कारोबारी सत्रों से जारी तेजी का सिलसिला भी थम गया।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर के मुताबिक, भारतीय शेयर बाजार ने वैश्विक बाजारों में कमजोरी के बावजूद अपनी मजबूती कायम रखी। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों ने भारतीय बाजार को अपेक्षाकृत आकर्षक निवेश विकल्प के रूप में देखा। दूसरी ओर अमेरिकी बाजारों में प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। निवेशकों के बीच अमेरिका की राजनीतिक परिस्थितियों और संभावित नियामकीय सख्ती को लेकर भी चिंता बनी हुई है।

विनोद नायर ने कहा कि घरेलू बाजार में इस तेजी का सबसे अधिक फायदा बड़े निजी बैंकों को मिला। इन बैंकों की मजबूत नकदी स्थिति और आकर्षक मूल्यांकन के चलते निवेशकों ने इनमें निवेश को प्राथमिकता दी। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में साप्ताहिक गिरावट, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी और रुपये की मजबूती ने भारतीय शेयर बाजार के प्रति निवेशकों का भरोसा बढ़ाने में योगदान दिया।

उन्होंने यह भी कहा कि अब निवेशकों की नजर अमेरिकी रोजगार संबंधी रिपोर्ट पर टिकी हुई है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अधिकारियों की ओर से ब्याज दरों को लेकर दिए जा रहे संकेतों के बीच रोजगार के आंकड़े वैश्विक बाजारों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

संवत 2082 के समापन और नए संवत में प्रवेश के बीच भारतीय शेयर बाजार की यह तेजी निवेशकों के लिए उत्साहजनक मानी जा रही है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, विदेशी निवेश का रुख, कच्चे तेल की कीमतें और रुपये की विनिमय दर आने वाले दिनों में घरेलू बाजार की दिशा तय करने वाले महत्वपूर्ण कारक होंगे। धनतेरस के दिन सेंसेक्स और निफ्टी में आई इस जोरदार तेजी ने बाजार में उत्साह जरूर बढ़ाया है, लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट यह संकेत भी देती है कि बाजार की तेजी सभी क्षेत्रों में समान रूप से नहीं फैली है।

(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। परिपूर्ण न्यूज़ बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)

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