गुरुग्राम में 271 करोड़ में खरीदा भारत का सबसे महंगा फ्लैट,डीएलएफ के ‘द डहलियास’ पेंटहाउस ने रचा इतिहास
मानव सरदाना ने डीएलएफ द डहलियास में 271 करोड़ रुपये का पेंटहाउस (एक प्रकार का बड़ा और आलीशान फ्लैट) खरीदा है। यह देश की अब तक की सबसे बड़ी रेजिडेंशियल डील है। मानव सरदाना की संपत्ति का आधार इंपीरियल ऑटो का दशकों पुराना कारोबार रहा।

गुरुग्राम। हरियाणा के गुरुग्राम स्थित गोल्फ कोर्स रोड पर डीएलएफ के सुपर लग्जरी प्रोजेक्ट ‘द डहलियास’ में 271 करोड़ रुपये की रिकॉर्डतोड़ डील ने भारतीय रियल एस्टेट बाजार में नया इतिहास रच दिया है। यह सौदा देश में किसी एक अपार्टमेंट या पेंटहाउस की अब तक की सबसे महंगी खरीद माना जा रहा है। इस आलीशान पेंटहाउस को कारोबारी मानव सरदाना ने खरीदा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पेंटहाउस करीब 17,200 वर्ग फुट के सुपर एरिया और 10,500 वर्ग फुट के कारपेट एरिया में फैला हुआ है। कीमत के लिहाज से यह सौदा सुपर एरिया पर लगभग 1.58 लाख रुपये प्रति वर्ग फुट और कारपेट एरिया पर करीब 2.6 लाख रुपये प्रति वर्ग फुट बैठता है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर न्यूयॉर्क के मैनहट्टन जैसी प्रीमियम लोकेशनों की बराबरी करता है।
इससे पहले इसी प्रोजेक्ट में जाने-माने निवेशक मधुसूदन केला ने 120.7 करोड़ रुपये में एक यूनिट खरीदी थी, लेकिन मानव सरदाना की यह डील उस रिकॉर्ड से कहीं आगे निकल गई है।
मानव सरदाना अपेक्षाकृत लो-प्रोफाइल कारोबारी माने जाते हैं और वे इंपीरियल ऑटो इंडस्ट्रीज से जुड़े हैं। यह कंपनी ऑटोमोबाइल और औद्योगिक वाहनों के लिए फ्लूइड ट्रांसमिशन प्रोडक्ट्स बनाने वाली देश की अग्रणी कंपनियों में शामिल है। कंपनी के उत्पादों में रबर होज, मेटल और नायलॉन ट्यूब, होज असेंबली तथा ब्रेक व फ्यूल इंजेक्शन ट्यूब जैसे महत्वपूर्ण ऑटो कंपोनेंट्स शामिल हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वर्ष 2022 तक इंपीरियल ग्रुप का सालाना राजस्व करीब 2200 करोड़ रुपये रहा है। कंपनी भारत के साथ-साथ जर्मनी और अमेरिका में भी अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट संचालित करती है और इसके 20 से अधिक उत्पादन इकाइयां विभिन्न देशों में स्थापित हैं।
इस बड़े निवेश के पीछे एक महत्वपूर्ण कारोबारी सौदा भी जुड़ा है। मार्च 2022 में वैश्विक प्राइवेट इक्विटी फर्म वारबर्ग पिंकस ने इंपीरियल ऑटो इंडस्ट्रीज में दो चरणों में 70 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की थी। इस डील के बाद सरदाना परिवार को पर्याप्त लिक्विड फंड प्राप्त हुआ, जिसने इस रिकॉर्डतोड़ रियल एस्टेट निवेश को संभव बनाया।
इंपीरियल ऑटो इंडस्ट्रीज की स्थापना वर्ष 1969 में हरियाणा के फरीदाबाद में हुई थी और पिछले पांच दशकों में कंपनी ने उल्लेखनीय विस्तार किया है। आज कंपनी के उत्पाद देश की अधिकांश गाड़ियों में उपयोग किए जाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह डील भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर में बढ़ती लग्जरी हाउसिंग की मांग और हाई-नेटवर्थ इंडिविजुअल्स के निवेश रुझानों को दर्शाती है।




