अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंदी ने बनाई सरदार पटेल की 9 फीट ऊंची प्रतिकृति, राष्ट्रीय एकता दिवस पर दिखाया हुनर
अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद उम्रकैद काट रहे बंदी आरिफ उर्फ सिकंदर ने राष्ट्रीय एकता दिवस पर बैनर को आधार बनाकर सरदार वल्लभभाई पटेल की 9 फीट ऊंची आकर्षक प्रतिकृति (रेप्लिका) बनाई। जेल प्रशासन की ओर से इस मौके पर 'रन फॉर यूनिटी' और नशा मुक्ति हस्ताक्षर अभियान भी आयोजित किया गया।

अजमेर,राजस्थान। सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में आयोजित कार्यक्रम में एक बंदी की कलात्मक प्रतिभा आकर्षण का केंद्र रही। दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे जयपुर के भट्टा बस्ती निवासी आरिफ उर्फ सिकंदर ने सरदार पटेल की 9 फीट ऊंची प्रतिकृति तैयार कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। बैनर को आधार बनाकर बनाई गई इस प्रतिकृति ने जेल परिसर में आयोजित कार्यक्रम को खास पहचान दी। इससे पहले इसी बंदी ने दशहरा पर रावण का पुतला भी तैयार किया था।
कारागृह अधीक्षक पारस जांगिड़ के अनुसार, राष्ट्रीय एकता दिवस पर बंदियों ने सरदार पटेल की प्रतिमा के समक्ष ‘एकता दौड़’ में भाग लिया और देश की एकता, अखंडता तथा आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने की शपथ ली। इस दौरान सरदार पटेल के जीवन और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर भाषण, देशभक्ति गीत, कविता पाठ, चित्रकला और नारा लेखन जैसी गतिविधियां भी आयोजित की गईं।
कार्यक्रम के दौरान नशा मुक्ति हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। बंदियों को नशे के शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। उन्होंने हस्ताक्षर कर नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
जेल प्रशासन का कहना है कि कारागृह का उद्देश्य केवल बंदियों को निरुद्ध रखना नहीं, बल्कि उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना और उनकी रचनात्मक प्रतिभा को उचित दिशा देना भी है। सभी कार्यक्रम निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी में आयोजित किए गए।




