कृष्णा नगर में नुक्कड़ नाटक द्वारा ट्रैफिक पुलिस ने सड़क सुरक्षा का दिया संदेश, 280 लोगों ने लिया जागरूकता कार्यक्रम में हिस्सा
ईस्टर्न रेंज की डीसीपी श्वेता सिंह चौहान के निर्देशन और ट्रैफिक इंस्पेक्टर चैतन्य अभिजीत के नेतृत्व में गांधी नगर यातायात सर्किल के अंतर्गत ‘सुरक्षित सफर’ अभियान के तहत कृष्णा नगर के लाल क्वार्टर बाजार और कृष्णा नगर लालबत्ती पर नुक्कड़ नाटक आयोजित किए गए।

राजीव कुमार गौड़/दिल्ली स्टेट हेड
पूर्वी दिल्ली। ईस्टर्न रेंज की डीसीपी श्वेता सिंह चौहान के निर्देशन और ट्रैफिक इंस्पेक्टर चैतन्य अभिजीत के नेतृत्व में गांधी नगर यातायात सर्किल के अंतर्गत दिल्ली यातायात पुलिस की ओर से ‘सुरक्षित सफर’ सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत गुरुवार को दो स्थानों पर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को यातायात नियमों और सुरक्षित सड़क व्यवहार के प्रति जागरूक किया गया। युग संस्कृति न्यास और एफकॉन स्ट्रैबाग के सहयोग से आयोजित इन कार्यक्रमों में करीब 280 लोगों ने भाग लिया।
पहला कार्यक्रम कृष्णा नगर स्थित लाल क्वार्टर बाजार में आयोजित किया गया, जहां करीब 150 लोगों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सड़क सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण संदेशों को सुना और देखा। इसके बाद कृष्णा नगर लालबत्ती के पास आयोजित दूसरे कार्यक्रम में करीब 130 लोग शामिल हुए। दोनों स्थानों पर युग संस्कृति न्यास के कलाकारों ने मनोरंजक और संवादात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से आम लोगों को सड़क पर सुरक्षित व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया।
नुक्कड़ नाटक के दौरान तेज रफ्तार से वाहन चलाने, लापरवाही और खतरनाक तरीके से वाहन चलाने, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने तथा यातायात नियमों की अनदेखी जैसे गंभीर मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। कलाकारों ने विभिन्न परिस्थितियों का मंचन करते हुए लोगों को समझाया कि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। लोगों से वाहन चलाते समय धैर्य रखने, यातायात नियमों का पालन करने और स्वयं के साथ-साथ दूसरे सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा का भी ध्यान रखने की अपील की गई।
दिल्ली यातायात पुलिस की सड़क सुरक्षा गतिविधियों में केवल यातायात नियमों का प्रवर्तन ही नहीं, बल्कि सड़क उपयोगकर्ताओं को नियमों और सुरक्षित व्यवहार के प्रति शिक्षित करना भी शामिल है। पुलिस के सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ की ओर से स्कूलों, आम नागरिकों और विभिन्न वर्गों के सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम, प्रशिक्षण, नुक्कड़ नाटक, कार्यशालाएं और अन्य जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इन गतिविधियों का उद्देश्य लोगों में सुरक्षित सड़क व्यवहार और यातायात नियमों के प्रति समझ विकसित करना है।
इसी क्रम में कृष्णा नगर में आयोजित नुक्कड़ नाटक को सड़क सुरक्षा संदेश को सीधे आम लोगों तक पहुंचाने के माध्यम के रूप में देखा गया। कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि सड़क सुरक्षा केवल कानून का पालन करने तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि प्रत्येक सड़क उपयोगकर्ता की जिम्मेदारी है। चालक, पैदल यात्री और दोपहिया वाहन सवार यदि यातायात नियमों का पालन करें और सड़क पर सतर्कता बरतें तो दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने में योगदान दिया जा सकता है।
विशेष रूप से नाबालिगों को वाहन न चलाने देने, तेज गति से वाहन चलाने से बचने और लापरवाहीपूर्ण ड्राइविंग से दूर रहने पर जोर दिया गया। कलाकारों ने लोगों के साथ सीधे संवाद करते हुए यातायात नियमों से जुड़े सवाल भी उठाए और रोजमर्रा की सड़क परिस्थितियों के उदाहरणों के माध्यम से सुरक्षित व्यवहार का महत्व समझाया।
कार्यक्रम में स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दिए गए सड़क सुरक्षा संदेशों की सराहना की। मनोरंजन और संवाद के माध्यम से जागरूकता फैलाने के इस प्रयास से लोगों तक यातायात नियमों से जुड़े संदेश सहज तरीके से पहुंचाए गए।
दिल्ली यातायात पुलिस के आधिकारिक दिशा-निर्देशों में भी सड़क सुरक्षा शिक्षा को दुर्घटना रोकथाम की रणनीति का हिस्सा माना गया है। यातायात निरीक्षकों के लिए जारी दायित्वों में सड़क उपयोगकर्ताओं को जागरूक करने, सड़क सुरक्षा अभियानों के माध्यम से संवेदनशील बनाने और दुर्घटनाओं के कारणों के विश्लेषण के आधार पर जागरूकता तथा अन्य सुधारात्मक कदम उठाने का उल्लेख है।
आयोजकों के अनुसार, ‘सुरक्षित सफर’ अभियान का उद्देश्य लोगों में जिम्मेदार यातायात व्यवहार को बढ़ावा देना, सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और दुर्घटनाओं की रोकथाम में जनभागीदारी को मजबूत करना है। कृष्णा नगर के दोनों कार्यक्रमों के माध्यम से करीब 280 लोगों तक सड़क सुरक्षा का संदेश पहुंचाया गया।





