झांसी में ड्रग तस्कर की पीट-पीटकर हत्या में सिपाही समेत 8 गिरफ्तार
झांसी पुलिस ने पांच दिन पूर्व हुई ड्रग तस्कर की हत्या का खुलासा किया है। इस मामले में एक कांस्टेबल सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक सामाजिक संस्था के पदाधिकारी भी शामिल हैं। ये लोग पुलिस कार्रवाई का भय दिखाकर ब्लैकमेलिंग का काम करते थे।

झांसी,उत्तर प्रदेश। प्रेमनगर थाना क्षेत्र में पांच दिन पूर्व ड्रग तस्कर परवेज अली की हुई हत्या के मामले का पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा करते हुए कांस्टेबल समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, जांच में ब्लैकमेलिंग के एक नेटवर्क का भी पता चला है, जिसमें एक पुलिसकर्मी के साथ सामाजिक संस्था से जुड़े पदाधिकारी के शामिल होने की बात सामने आई है। आरोप है कि यह समूह पुलिस कार्रवाई का भय दिखाकर लोगों से ब्लैकमेलिंग करता था।
पुलिस के अनुसार, 13 सितंबर को ब्लैकमेलिंग की कथित कोशिश के दौरान हुई मारपीट में परवेज अली की मौत हो गई थी। मामले में प्रेमनगर थाने में तैनात कांस्टेबल आशीष सिंह के अलावा प्रियांश, जय श्रीवास्तव, साहिल मिश्रा, भूपेंद्र वंशकार, यश शिवहरे, अर्शिल खान और शनि नामदेव को गिरफ्तार किया गया है।
एसएसपी विकास कुमार के मुताबिक, मृतक परवेज अली के खिलाफ जम्मू-कश्मीर में ड्रग तस्करी से संबंधित मुकदमा दर्ज था। पुलिस जांच में सामने आया कि ड्रग सप्लाई के सिलसिले में वह साहिल नामक व्यक्ति के संपर्क में आया था। घटना वाले दिन परवेज ड्रग का सैंपल लेकर साहिल मिश्रा को दिखाने जा रहा था। इसी दौरान जब वह सैंपल लेकर पहुंचा तो तीन वाहनों में सवार करीब 11 लोगों ने उसका वीडियो बनाना शुरू कर दिया और पुलिस से पकड़वाने की धमकी दी।
पुलिस के अनुसार, इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और दो लोगों ने परवेज के साथ मारपीट की। गंभीर चोट लगने के बाद उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और उपलब्ध साक्ष्यों तथा आरोपियों से पूछताछ के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई।
एसएसपी ने बताया कि प्रियांश और साहिल आपस में दोस्त हैं। पुलिस के मुताबिक, इनके कुछ अन्य साथी मिलकर एक संगठन चलाते हैं। कांस्टेबल आशीष सिंह इन्हीं आरोपियों में से एक के घर में किराए पर रहता था। जांच में यह भी सामने आया कि घटना से पहले सभी आरोपी रात में एक स्थान पर मिले थे और घटना के बाद भी उनके बीच मुलाकात हुई थी।
पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान मिले साक्ष्यों से ऐसे लोगों को कथित तौर पर निशाना बनाकर ब्लैकमेल करने की गतिविधियों की पुष्टि हुई है। इसी जांच के आधार पर कांस्टेबल आशीष सिंह को भी मामले में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के साथ ब्लैकमेलिंग नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और पूर्व की घटनाओं के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही मामले से जुड़े सभी आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




