मध्य प्रदेश में फर्जी वकालतनामा लगाकर अपील वापस लेने की साजिश, हाईकोर्ट ने दिए जांच के आदेश
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में फर्जी वकालतनामा लगाकर अपील वापस लेने की गंभीर साजिश का भी पर्दाफाश हुआ है। हाईकोर्ट ने ओथ रजिस्टर जब्त कर न्यायिक रजिस्ट्रार को दिए 4 हफ्ते में जांच के निर्देश।

भोपाल/एजेंसी। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान फर्जी वकालतनामा पेश कर एक महिला की अपील को गुपचुप तरीके से वापस लेने की कथित साजिश का मामला सामने आया है। घटना को न्यायिक प्रक्रिया और न्यायपालिका की गरिमा से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए हाईकोर्ट ने न्यायिक रजिस्ट्रार को पूरे प्रकरण की जांच के निर्देश दिए हैं।
मामला भोपाल निवासी एक महिला की उस अपील से संबंधित है, जो उसने जिला अदालत के आदेश के खिलाफ दायर की थी। सुनवाई के दौरान महिला अपीलकर्ता अपने वास्तविक अधिवक्ता एस.पी. मिश्रा के साथ अदालत में उपस्थित हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपील वापस लेने के संबंध में उनके द्वारा कोई याचिका दाखिल नहीं की गई है।
मामला सामने आने के बाद अदालत ने उस अधिवक्ता को भी तलब किया, जिनके नाम से कथित तौर पर अपील वापस लेने की याचिका दाखिल की गई थी। अदालत में उपस्थित हुए संबंधित अधिवक्ता ने भी स्पष्ट किया कि उन्हें इस अपील की जानकारी नहीं है और उन्होंने ऐसा कोई दस्तावेज अदालत में दाखिल नहीं किया है।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने तत्काल शपथ आयुक्त को भी तलब किया। शपथ आयुक्त ने अदालत को बताया कि वकालतनामा तैयार कराने के लिए एक महिला और एक पुरुष उनके पास आए थे, जबकि अदालत में मौजूद वास्तविक अपीलकर्ता वे लोग नहीं थे।
अदालत ने मामले पर कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित वकालतनामा को प्रथम दृष्टया फर्जी माना। हाईकोर्ट ने न्यायिक रजिस्ट्रार को निर्देश दिया है कि पूरे मामले की गहन जांच कर चार सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान यदि किसी भी प्रकार की आपराधिक संलिप्तता सामने आती है तो संबंधित दोषियों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। न्यायालय ने न्यायिक प्रक्रिया के साथ इस तरह के कथित हस्तक्षेप को गंभीरता से लिया है।
मामले के सामने आने के बाद न्यायिक प्रक्रिया की सुरक्षा और दस्तावेजों के सत्यापन को लेकर भी सवाल उठे हैं। अब न्यायिक रजिस्ट्रार की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि फर्जी वकालतनामा किसने तैयार कराया और अपील वापस लेने के पीछे किन लोगों की भूमिका थी।




