डीजीपी अनुराग धनखड़ के निधन के बाद जीएस राव बने त्रिपुरा के कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक
त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग धनखड़ सोमवार को पुलिस मुख्यालय स्थित अपने दफ्तर में मृत मिले। 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी धनखड़ के परिवार में पत्नी और एक बेटी हैं। गोविंद बल्लभ पंत अस्पताल के मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. प्रदीप भौमिक ने बताया कि धनखड़ को दोपहर करीब 12 बजे अस्पताल लाया गया और उन्हें 12:48 बजे मृत घोषित कर दिया गया।

अगरतला/एजेंसी। त्रिपुरा सरकार ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग धनखड़ के असामयिक निधन के बाद एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (आर्म्ड पुलिस) जीएस राव को तत्काल प्रभाव से कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त किया है। सामान्य प्रशासन (कार्मिक एवं प्रशिक्षण) विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जीएस राव अगले आदेश तक राज्य पुलिस बल के प्रमुख के रूप में दायित्व संभालेंगे।
सरकारी आदेश में कहा गया है कि यह निर्णय 1994 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी अनुराग धनखड़ के निधन के बाद लिया गया है, जो त्रिपुरा के डीजीपी के रूप में कार्यरत थे। उनके निधन से पुलिस विभाग और प्रशासनिक तंत्र को गहरा आघात पहुंचा है। इस बीच, त्रिपुरा राज्य मंत्रिमंडल ने दिवंगत डीजीपी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मंगलवार को पूरे राज्य में एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। कैबिनेट बैठक के दौरान सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया।
मंत्रिमंडल के सदस्यों ने अनुराग धनखड़ को एक समर्पित, कुशल, ईमानदार और दूरदर्शी पुलिस अधिकारी बताते हुए कहा कि उनकी सेवाएं राज्य और देश के लिए अनुकरणीय रही हैं। उन्होंने अपने करियर में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और पुलिस व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
त्रिपुरा कैडर के 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी अनुराग धनखड़ ने वर्ष 1995 में राज्य में सेवा शुरू की थी। अपने लंबे और उल्लेखनीय करियर में उन्होंने सब-डिविजनल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) से लेकर डीजीपी तक विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया और अपनी कार्यकुशलता, नेतृत्व क्षमता तथा जनसेवा के प्रति समर्पण के लिए व्यापक सम्मान अर्जित किया।
उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। धनखड़ ने कोसोवो में संयुक्त राष्ट्र मिशन के तहत सेवाएं दीं और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (बीपीआरएंडडी) तथा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में भी अहम जिम्मेदारियां निभाईं।
उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक तथा विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया था। उनके निधन से पुलिस विभाग और प्रशासनिक तंत्र में शोक की लहर है।




