संसद मार्च के दौरान बवाल के बाद भी जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन, यातायात प्रभावित

नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के आह्वान पर सोमवार को आयोजित 'चलो संसद ' मार्च उग्र हो गया। अभिजीत दीपके ने मंगलवार को भी संसद मार्च जारी रहने की बात कही है।

नई दिल्ली/एजेंसी। नीट पेपर लीक के विरोध और शिक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आह्वान पर जंतर-मंतर पर चल रहा प्रदर्शन सोमवार को उग्र हो गया, जिसके बाद भी मंगलवार को आंदोलन जारी रहा। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने संसद मार्च जारी रखने का एलान किया है। जंतर-मंतर पर मंगलवार को भी 15 से 20 हजार लोगों की भीड़ जुटी रही, जबकि दिल्ली-एनसीआर से बड़ी संख्या में छात्र और अन्य लोग प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे।
स्थिति को देखते हुए संसद की ओर जाने वाले मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और अतिरिक्त बैरिकेडिंग लगाई गई है। इससे पहले सोमवार को संसद मार्च के दौरान विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुई थीं, जिनमें दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए। घायलों को डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल), लेडी हार्डिंग और सफदरजंग सहित विभिन्न सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।
मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने आरएमएल अस्पताल और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज का दौरा कर घायल पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों का हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों से उपचार की जानकारी लेते हुए सभी घायलों को समुचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
वहीं, जंतर-मंतर से संसद तक मार्च के दौरान पुलिस द्वारा कथित बल प्रयोग के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। इस बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक एवं पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी आरएमएल अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और उनके उपचार की जानकारी ली।
सीजेपी ने दिल्ली पुलिस पर प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ बर्बरता का आरोप लगाया है और आंदोलन जारी रखने की बात कही है। पार्टी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने आवश्यकता से अधिक बल प्रयोग किया। दूसरी ओर, इस घटनाक्रम को लेकर आम आदमी पार्टी के सांसदों ने भी विरोध दर्ज कराया है।
प्रदर्शन का असर दिल्ली-एनसीआर के यातायात पर भी पड़ा है। मंगलवार सुबह से ही डीएनडी और चिल्ला बॉर्डर पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं, जिससे लोगों को भारी जाम और असुविधा का सामना करना पड़ा। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।

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