20 साल बाद हत्याकांड का खुलासा: वसई क्राइम ब्रांच ने यूपी से आरोपी को किया गिरफ्तार

विरार के 2005 के चर्चित हत्याकांड का खुलासा करते हुए वसई क्राइम ब्रांच ने 20 साल बाद मुख्य आरोपी राजेश सोनकर को प्रयागराज से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने आपसी रंजिश के चलते अपने दोस्त दिलीप चव्हाण की हत्या कर शव को ठिकाने लगाया था। लंबे समय से फरार आरोपी यूपी में छिपकर ई-रिक्शा चला रहा था।

कांती जाधव/महाराष्ट्र स्टेट हेड।

पालघर/महाराष्ट्र। करीब दो दशक पुराने सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए वसई की क्राइम ब्रांच सेल-2 ने मुख्य आरोपी को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला वर्ष 2005 में विरार पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ था, जिसमें अज्ञात आरोपियों द्वारा दिलीप तुकाराम चव्हाण (30) की निर्मम हत्या कर शव को ठिकाने लगाने का मामला सामने आया था।
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता रत्नाकर शंकर चव्हाण (51), निवासी अरनाला बंदरपाड़ा, वसई, जिला पालघर की तहरीर पर पंजीकरण संख्या 283/2005 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 302 में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि अज्ञात व्यक्तियों ने दिलीप की किसी अज्ञात हथियार से हत्या कर दी और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से 27 दिसंबर 2005 को उसका शव भाटिबंदर गांव की सीमा में खाड़ी किनारे फेंक दिया।
मामले की नई समानांतर जांच क्राइम ब्रांच सेल-2, वसई द्वारा शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने शिकायतकर्ता और घटनास्थल के आसपास मौजूद गवाहों से गहन पूछताछ की। इसी दौरान मिली गुप्त सूचना और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस को आरोपी के उत्तर प्रदेश स्थित पैतृक गांव में छिपे होने की जानकारी मिली। इसके बाद एक विशेष टीम को प्रयागराज भेजा गया, जहां 25 जून 2026 को आरोपी राजेश सुरेश सोनकर (41), निवासी तलोंगज मनोरी, तहसील पुरामुप्ती, जिला प्रयागराज को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि वह और मृतक आपस में दोस्त थे। अरनाला स्थित एक होटल में काम करने के दौरान मृतक के एक परिचित द्वारा आरोपी की पत्नी के साथ दुष्कर्म किया गया था, लेकिन इस मामले में मृतक द्वारा कोई मदद न करने से वह नाराज था। इसी रंजिश में उसने हत्या की वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद आरोपी फरार होकर पहले लखनऊ में 5-6 वर्ष तक रहा और फिर पिछले 15 वर्षों से प्रयागराज में छिपकर ई-रिक्शा चलाकर जीवन यापन कर रहा था। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त संजय शिन्त्रे और पुलिस उपायुक्त (अपराध) संदीप डोइफोडे के मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच सेल-2 वसई की टीम द्वारा की गई। टीम में पुलिस निरीक्षक अविराज कुराडे सहित कई अधिकारियों और कर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस खुलासे के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।

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