फतेहपुर के विजयीपुर चौराहे पर शंकराचार्य का भव्य स्वागत, गौ माता को ‘राष्ट्र माता’ घोषित करने की उठाई मांग

सत्येंद्र शुक्ला,फतेहपुर/उत्तर प्रदेश। फतेहपुर जिले के विजयीपुर चौराहे पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज के आगमन को लेकर बुधवार को विशेष उत्साह और हलचल का माहौल देखने को मिला। निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार कार्यक्रम तय समय से करीब चार घंटे विलंब से शुरू हुआ, जिसके चलते तेज धूप में महिलाएं और पुरुष चौराहे पर इंतजार करते और इधर-उधर घूमते नजर आए।
महाराज के पहुंचते ही श्रद्धालुओं में उत्साह की लहर दौड़ गई। महिलाओं ने फूल-मालाओं और आरती के साथ उनका पारंपरिक स्वागत किया। पूरे क्षेत्र में जयकारों और धार्मिक वातावरण का माहौल बन गया। अपने संबोधन में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने गौ माता को ‘राष्ट्र माता’ घोषित करने की मांग को लेकर चल रहे अपने अभियान का जिक्र किया। उन्होंने मौजूदा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार गौ माता को केवल एक पशु के रूप में देख रही है, जबकि उनका काफिला गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने के उद्देश्य से निकला है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो लोग गौ सेवा के प्रति उदासीन हैं और गौ माता को मात्र पशु मानते हैं, उन्हें वह अपना विरोधी मानते हैं, चाहे वह आम नागरिक हों या सरकार में बैठे मंत्री। उन्होंने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि वे दृढ़ संकल्प लें और यह तय करें कि जो भी गौ रक्षा करेगा, वे उसका समर्थन करेंगे।
इस दौरान उन्होंने लगातार घट रही गौवंश की संख्या को गंभीर चिंता का विषय बताया और इसके संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने मौजूद लोगों से दोनों हाथ उठवाकर गौ रक्षा के लिए संकल्प भी दिलवाया।
शंकराचार्य के इस कार्यक्रम ने क्षेत्र में धार्मिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर नई चर्चा को जन्म दिया है, वहीं बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने आयोजन को प्रभावशाली बना दिया।



