नवी मुंबई महानगर पालिका के डिप्टी कमिश्नर कैलाश गायकवाड गिरफ्तार, महाराष्ट्र एसीबी ने घूस लेते रंगे हाथों पकड़ा

नवी मुंबई महानगरपालिका (एनएमएमसी) के डिप्टी कमिश्नर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े गए हैं। एसीबी ने एनएमएमसी के डिप्टी कमिश्नर कैलाश गायकवाड़ को ऐरोली में अतिक्रमण विभाग के बिल पास करने के लिए ठेकेदार दशरथ सुरावसे से 42,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

मुंबई/एजेंसी। महाराष्ट्र के नवी मुंबई शहर में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने नवी मुंबई महानगरपालिका के उपायुक्त कैलास गायकवाड को 42 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। एसीबी की इस कार्रवाई से नगर निगम के प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, ठेकेदार दशरथ सुरवते ने अतिक्रमण विभाग के तहत किए गए कार्यों का बिल निकलवाने के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि बिल पास करने के बदले उपायुक्त कैलास गायकवाड ने 42 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी। इस मामले में ठेकेदार ने एसीबी से शिकायत की, जिसके बाद टीम ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया। शिकायत की पुष्टि होने पर एसीबी अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया।
एसीबी की टीम ने नवी मुंबई महानगरपालिका मुख्यालय की तीसरी मंजिल स्थित कार्यालय में छापा मारकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। फिलहाल आरोपी अधिकारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
बताया जा रहा है कि संबंधित कार्य 15 नवंबर 2024 से 15 फरवरी 2025 के बीच ऐरोली क्षेत्र में किया गया था। जब ठेकेदार अपने कार्य का भुगतान प्राप्त करने के लिए प्रयास कर रहा था, उसी दौरान उससे रिश्वत की मांग की गई। इस कार्रवाई के बाद नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों में खलबली मच गई है। साथ ही, इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
इससे पहले, इसी महीने की शुरुआत में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने भ्रष्टाचार के एक मामले में अर्थ एवं नियोजन विभाग के कक्ष अधिकारी विलास लाड को 6 लाख 37 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। यह मामला ग्रामविकास विभाग से जुड़े फंड की मंजूरी से संबंधित है। आरोप है कि विलास लाड ने एक शिकायतकर्ता से फंड को मंजूरी दिलाने के बदले मोटी रकम की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने जब इस संबंध में एसीबी से संपर्क किया, तो एजेंसी ने प्राथमिक जांच कर आरोपों की पुष्टि की। इसके बाद एसीबी ने यह कार्रवाई की। बता दें कि प्रदेश के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहले ही मंत्रालय में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के निर्देश दे चुके हैं। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई उसी सख्त नीति और मुहिम का हिस्सा है, जिसके तहत भ्रष्ट अधिकारियों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है।

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