नारी शक्ति वंदन अधिनियम से सशक्त होगा लोकतंत्र : केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा

महिला आरक्षण और समान प्रतिनिधित्व की दिशा में ऐतिहासिक कदम

पूर्वी दिल्ली सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 भारतीय लोकतंत्र को अधिक न्यायसंगत और प्रतिनिधिक बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। इस संशोधन से लोकसभा सीटों का परिसीमन वर्तमान जनसंख्या के आधार पर होगा, सीट फ्रीज व्यवस्था समाप्त होगी और सीटों की संख्या 550 से बढ़ाकर 850 की जाएगी। उन्होंने विपक्ष को महिला विरोधी बताते हुए कहा कि यह विधेयक नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत 33% महिला आरक्षण लागू करने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

राजीव कुमार गौड़/दिल्ली ब्यूरो। पूर्वी दिल्ली लोकसभा सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा ने आज प्रेस वार्ता में विपक्ष पर तीखा हमला बोला और सभी विपक्षी दलों को महिला विरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 भारतीय लोकतंत्र को अधिक न्यायसंगत, संतुलित और समावेशी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।
हर्ष मल्होत्रा ने स्पष्ट किया कि इस विधेयक का उद्देश्य “एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य” के सिद्धांत को प्रभावी रूप से लागू करना है, ताकि हर नागरिक को समान प्रतिनिधित्व मिल सके। उन्होंने बताया कि अब लोकसभा सीटों का परिसीमन राज्यों की वर्तमान जनसंख्या के आधार पर होगा और 1976 व 2001 से लागू सीट फ्रीज व्यवस्था समाप्त की जाएगी। संसद यह तय करेगी कि किस जनगणना के आधार पर परिसीमन किया जाए। उन्होंने कहा कि लोकसभा सीटों की अधिकतम सीमा 550 से बढ़ाकर 850 की जाएगी, जिसमें 815 सदस्य राज्यों से और 35 केंद्र शासित प्रदेशों से होंगे। इससे लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व और व्यापक होगा। साथ ही नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत 33% महिला आरक्षण को शीघ्र लागू करने का मार्ग प्रशस्त होगा।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हवाले से उन्होंने कहा कि लंबे समय से परिसीमन टालने के कारण प्रतिनिधित्व में असंतुलन पैदा हुआ है। कहीं एक सांसद 4 लाख मतदाताओं का प्रतिनिधित्व करता है तो कहीं 25 लाख से अधिक का। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और केरल में सीटों की संख्या बढ़ने के बाद भी प्रतिनिधित्व का प्रतिशत लगभग समान रहेगा।
हर्ष मल्होत्रा ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे भ्रम फैलाकर महिला आरक्षण और समान प्रतिनिधित्व का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश को एक सशक्त, समावेशी और न्यायपूर्ण लोकतंत्र की ओर अग्रसर कर रही है।
प्रेस वार्ता में पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र की महिला पार्षदों सहित भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। हर्ष मल्होत्रा ने अंत में कहा कि यह विधेयक केवल सीटों की संख्या बढ़ाने का प्रयास नहीं है, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक संरचना को अधिक न्यायसंगत और प्रतिनिधिक बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।

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