गाजियाबाद तक पहुंची कानपुर किडनी कांड की जांच

दो ओटी असिस्टेंट गिरफ्तार, डॉक्टर की तलाश में जुटी पुलिस

कानपुर/उत्तर प्रदेश। कानपुर में किडनी ट्रांसप्लांट के नाम लोगों की जिंदगियों से खेला जा रहा था। कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने गाजियाबाद में दबिश देकर दो ओटी असिस्टेंस को गिरफ्तार किया है। अरेस्ट किए गए दोनों आरोपी शास्त्रीनगर स्थित आहूजा नर्सिंग होम ऑपरेशन के दौरान थे। ओटी असिस्टेंस के साथ एक डॉक्टर भी आया था। पुलिस आरोपी डॉक्टर की तलाश कर रही है। वहीं, पुलिस की कार्रवाई के दौरान किडनी रिसीवर और डोनर को लखनऊ में भर्ती कराया गया है। वहीं, गिरफ्तार ओटी असिस्टेंट से भी पूछताछ चल रही है।
पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि बीते रविवार को वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अलग-अलग लग्जरी कारों से भागे थे। गिरफ्तार ओटी असिस्टेंस और डॉक्टर एक किया कैरेंस कार से गाजियाबाद के वैशाली पहुंचे। वहीं से आर्टिगा कार से लखनऊ के लिए रवाना हुए। बताया जा रहा है कि लखनऊ पहुंचने के बाद सभी आरोपी हवाई मार्ग से अलग-अलग शहरों के लिए निकल गए।
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने कई राज उगले हैं। ओटी असिस्टेंट के साथ मौजूद डॉक्टर नेटवर्क की अहम कड़ी माना जा रहा है। पुलिस की कई टीमें उसके मोबाइल फोन की लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। ताकि लखनऊ से भागे अन्य पांच स्टॉफ और फरार डॉक्टर को गिरफ्तार किया जा सके। पुलिस कई टीम अलग-अलग राज्यों और शहरों में डेरा जमाए हुए हैं।
गिरफ्तार किए गए ओटी असिस्टेंस कुलदीप सिंह राघव और राजेश कुमार हैं। कुलदीप हापुड़ का रहने वाला बताया जा रहा है। गाजियाबाद के शांति गोपाल नर्सिंगहोम में ओटी असिस्टेंस है। वहीं राजेश गाजियाबाद का रहने वाला है और सर्वोदय हॉस्पिटल नोएडा में काम करता है। दोनों टेक्निसियन हर केस के 40 से 45 हजार रुपए लेते थे। आहूजा हॉस्पिटल में ऑपरेशन के लिए फ्लाइट से कानपुर आए थे।

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