अमेरिका लौटाएगा तमिलनाडु से चोरी हुई तीन प्राचीन मूर्तियां, शिव नटराज की कांस्य प्रतिमा भी इसमें शामिल

वाशिंगटन/एजेंसी। अमेरिका के स्मिथसोनियन नेशनल म्यूजियम ऑफ एशियन आर्ट (एनएमएए) ने तमिलनाडु के मंदिरों से चोरी हुई तीन प्राचीन मूर्तियों को भारत को लौटाने का फैसला किया है। इस संबंध में भारत के उप-मिशन प्रमुख नामग्या खम्पा और संग्रहालय के निदेशक चेस रॉबिन्सन के बीच औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। लौटाई जाने वाली मूर्तियों में नौवीं सदी की शिव नटराज की कांस्य प्रतिमा, 12वीं सदी की शिव-उमा मूर्ति और 16वीं सदी की संत सुंदरर व पारवई की प्रतिमा शामिल हैं।
ये सभी प्रतिमाएं भारतीय कला, आस्था और शिल्प परंपरा की अमूल्य धरोहर मानी जाती हैं। संग्रहालय द्वारा की गई विस्तृत जांच में यह पुष्टि हुई कि ये मूर्तियां तमिलनाडु के विभिन्न मंदिरों से अवैध रूप से हटाई गई थीं। बताया गया है कि शिव नटराज की प्रतिमा कुछ समय तक अमेरिका में सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए ऋण पर रखी जाएगी, ताकि वैश्विक दर्शक भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को समझ सकें।



