अग्निपथ पर अब नेपाल में ‘संग्राम’, भारत ने गोरखा सैनिकों पर पूछा रुख

  • भारतीय सेना की अग्निपथ भर्ती योजना पर अब नेपाल में भी रार छिड़ गई है
  • भारत नेपाल के युवाओं को सेना की गोरखा रेजिमेंट भर्ती करना चाहता है
  • अब नेपाल सरकार दुविधा में फंस गई है कि क्‍या वह इसके लिए मंजूरी दे या नहीं

काठमांडू,(एजेंसी)। भारतीय सेना की अग्निपथ भर्ती योजना पर अब नेपाल में भी रार छिड़ गई है। भारत नेपाल के युवाओं को भारतीय सेना के गोरखा रेजिमेंट में भर्ती करना चाहता है और उसने शेर बहादुर देउबा सरकार से उसके विचार पूछे हैं। अब नेपाल सरकार दुविधा में फंस गई है कि क्‍या वह भारतीय सेना को नेपाली युवाओं को भी मोदी सरकार की अग्निपथ योजना के तहत भर्ती के लिए मंजूरी दे या नहीं। अग्निपथ योजना को लेकर भारत में काफी हिंसक विवाद हो चुका है और इसके बाद भी भारत सरकार इसी योजना के तहत भर्ती शुरू कर चुकी है।

भारत ने नेपाल सरकार से भारतीय सेना के गोरखा रेजिमेंट में अग्निपथ स्‍कीम के तहत नेपाली युवकों की भर्ती की योजना को लेकर राय पूछी है। इस भर्ती के तहत 25 अगस्‍त को नेपाल के बुटवल और 1 सितंबर को धारन में टेस्‍ट होना है। इस बीच नेपाल सरकार के अधिकारियों ने कहा है कि वे इस पूरे मामले पर अभी भी विचार कर रहे हैं। उन्‍होंने यह भी कहा कि भारत सरकार ने इस अग्निपथ योजना को शुरू करने से पहले नेपाल सरकार से न तो राय ली थी और न ही सूचि‍त किया था। भारतीय सेना ने कोविड महामारी की वजह से गोरखा सैनिकों की भर्ती को रोक रखा था।
‘भारत और नेपाल के बीच साल 1947 में हुई संधि का उल्‍लंघन’
अग्निपथ स्‍कीम को जब 14 जून को लॉन्‍च किया गया था तब भारतीय सेना ने भारतीय दूतावास के जरिए नेपाल के विदेश मंत्रालय को पत्र लिखा था और भर्ती की अनुमति मांगी थी। भारतीय सेना ने इस भर्ती के दौरान स्‍थानीय प्रशासन का सुरक्षा सहयोग भी मांगा था। नेपाल सरकार ने जब भारतीय पक्ष को कोई जवाब नहीं द‍िया तो भारतीय सेना ने भर्ती की तिथि को सार्वजनिक करना बंद कर दिया। अग्निपथ स्‍कीम के तहत भारतीय सेना 46 हजार अग्निवीर की भर्ती करेगी।

अग्निपथ योजना के सभी प्रावधान गोरखा रेजिमेंट पर भी लागू होंगे। भारतीय सेना की गोरखा रेजिमेंट में केवल नेपाली नागरिकों और नेपाली बोलने वाले युवकों को भर्ती किया जाता है। इस योजना के तहत भर्ती किए गए 75 फीसदी युवक 4 साल में रिटायर हो जाएंगे और 25 फीसदी को भारतीय सेना में पूरी सेवा अवधि के लिए नौकरी मिलेगी। नेपाल का एक धड़ा इस योजना का विरोध कर रहा है। उनका कहना है कि यह अग्निपथ योजना ब्रिटेन, भारत और नेपाल के बीच साल 1947 में हुई संधि का उल्‍लंघन है। इस संधि के तहत नेपाली युवकों की भारतीय सेना में भर्ती की जाती है और उन्‍हें भारतीय सैनिकों की तरह से समान वेतन, पेंशन और अन्‍य सुविधाएं दी जाएंगी।

34 हजार नेपाली युवा भारतीय सेना के गोरखा रेजिमेंट में तैनात
माओवादी पार्टियों ने मांग की है कि इस पूरे मामले को भारत सरकार के साथ उठाया जाए और हल नहीं होने पर नेपाली युवकों की भर्ती को बंद कर दिया जाए। नेपाली सैनिक भारत की स्‍वतंत्रता से पहले से ही भारतीय सेना में तैनात हैं। नेपाली नागरिकों को हर साल अरबों रुपये पेंशन के रूप में भारतीय सेना से मिलता है। आंकड़ों के मुताबिक साल 2017 में ही 44 अरब 73 करोड़ रुपये पेंशन भारत ने दिया था। वर्तमान समय में 34 हजार नेपाली युवा भारतीय सेना के गोरखा रेजिमेंट में तैनात हैं। अग्निपथ योजना के तहत अभी 1300 युवाओं की भर्ती की जानी है और इसमें से भी 25 फीसदी को स्‍थायी नौकरी मिलेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button