दो बच्चों की शर्त खत्म, राजस्थान में पंचायत चुनाव के नियम बदले

जयपुर/एजेंसी। राजस्थान विधानसभा में सोमवार को ऐतिहासिक फैसला हुआ। यहां राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) विधेयक, 2026 को सोमवार को विधानसभा में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इस संशोधन के बाद अब दो से ज्यादा बच्चों की शर्त के कारण चुनाव लड़ने से वंचित रहने वाले लोगों को भी पंचायत चुनाव में भाग लेने का अवसर मिल सकेगा। अब दो से अधिक संतान वाले माता-पिता भी पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव लड़ सकेंगे। विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि पहले राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 19 के तहत यह प्रावधान किया गया था कि जिन व्यक्तियों के दो से अधिक बच्चे होंगे, वे पंचायती राज संस्थाओं के सदस्य बनने के पात्र नहीं होंगे। उस समय यह नियम प्रदेश में तेजी से बढ़ रही जनसंख्या दर को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लागू किया गया था।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में परिस्थितियां काफी बदल चुकी हैं। महिलाओं में शिक्षा का स्तर बढ़ा है और समाज में जागरूकता भी पहले की तुलना में अधिक हुई है। इसके चलते प्रदेश में जनसंख्या वृद्धि दर में भी उल्लेखनीय कमी आई है। ऐसे में दो से अधिक बच्चों के आधार पर चुनाव लड़ने से रोकने वाला प्रावधान अब वर्तमान परिस्थितियों में अप्रासंगिक हो गया है। मंत्री ने बताया कि इस संशोधन से पहले ऐसे कई योग्य और अनुभवी लोग, जिनके दो से अधिक बच्चे हैं, केवल इस नियम के कारण पंचायत चुनावों में हिस्सा नहीं ले पाते थे। अब कानून में बदलाव के बाद वे भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे और स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधि बनने का अवसर प्राप्त करेंगे।
मदन दिलावर ने यह भी बताया कि राज्य में सरकारी कर्मचारियों के लिए भी पहले दो से अधिक बच्चों की स्थिति में पदोन्नति नहीं मिलने का प्रावधान था, जिसे पूर्ववर्ती सरकार ने समाप्त कर दिया था। इससे स्पष्ट होता है कि समय के साथ इस प्रकार के नियमों की प्रासंगिकता कम होती गई है। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में भी ऐसे नियम पहले ही समाप्त किए जा चुके हैं। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और हरियाणा जैसे राज्यों में पंचायती राज चुनावों के लिए दो से अधिक बच्चों की शर्त को खत्म किया जा चुका है। ऐसे में राजस्थान सरकार ने भी वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए यह संशोधन लाने का निर्णय लिया है।




