16 निलंबित, 4 के खिलाफ बर्खास्तगी… 4 लाइन हाजिर, भ्रष्ट पुलिसकर्मियों पर आईजी का शिकंजा

बहराइच/उत्तर प्रदेश। मंडल के चार जिलों में तैनात पुलिस कर्मियों की कार्यशैली पर आईजी की पैनी नजर है। शिकायत मिलने के बाद गोपनीय जांच कराकर दोषी मिलने पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है। हाल ही में 16 पुलिस कर्मियों के निलंबन, चार के बर्खास्तगी की कार्रवाई व रुपईडीहा के चार सिपाहियों के लाइन हाजिर होने के बाद पुलिस महकमे में अफरातफरी का माहौल है। भ्रष्ट पुलिस कर्मियों पर शिकंजा कसने को लेकर पुलिस महानिरीक्षक देवीपाटन मंडल अमित पाठक ने भ्रष्टाचार निरोधी हेल्पलाइन नंबर 8467919487 भी जारी कर रखा है।
बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा व बलरामपुर में तैनात पुलिस कर्मियों की कारगुजारी की शिकायत हेल्पलाइन नंबर पर मिलने के बाद पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेकर गोपनीय जांच कराई जाती है। बहराइच के मटेरा थानाध्यक्ष रहे सुरेंद्र प्रताप बौद्ध को एक लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप में निलंबित किया गया। उनकी बर्खास्तगी की भी प्रक्रिया शुरू हुई है। इसी तरह हादसों को कमाई का जरिया बनाने वाले एक इंस्पेक्टर समेत 13 उपनिरीक्षकों को निलंबित कर दिया था। इनमें बहराइच जिले के नौ उपनिरीक्षक, गोंडा जिले के दो, श्रावस्ती के एक निरीक्षक व उपनिरीक्षक शामिल थे। हाल ही में आईजी ने मोतीपुर थाने में तैनात रहे उपनिरीक्षक अमरेश गिरि व हेड कांस्टेबल शैलेंद्र यादव को भी निलंबित कर उनके बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू कराई है।
इन पर मटेही कला बेगमपुरवा निवासी निजामुद्दीन से 30 हजार रुपये की वसूली का आरोप था। इसी तरह रुपईडीहा थाने में तैनात रहे हेड कांस्टेबल देवेंद्र यादव, अभिषेक धर द्विवेदी, कांस्टेबल आशीष सिंह व कुलदीप दुबे को भी लाइन हाजिर किया गया है। सूत्रों की मानें तो सीमा पर इन लोगों ने 10 किलो चांदी कार से बरामद की थी। इसके बाद 10 लाख की वसूली व तीन किलो चांदी लेकर पकड़े गए तस्कर व बाकी का माल छोड़ दिया था।




