फतेहपुर में मनरेगा घोटाले में भाजपा नेता की ग्राम प्रधान पत्नी को पुलिस ने घर से उठाया, जेई समेत भेजा जेल

फतेहपुर/उत्तर प्रदेश। असोथर थाना क्षेत्र के सरकंडी गांव को लेकर राजनीति गर्माती जा रही है। रविवार को मामला उस समय सुखिर्यों में आ गया जब तड़के ही भाजपा नेता के राधानगर स्थित आवास को घेरकर पुलिस ने उनकी ग्राम प्रधान पत्नी पुष्पा द्विवेदी को गिरफ्तार कर लिया। मनरेगा मजदूरी में 55 लाख के घोटाले के मुकदमे में विवेचना दौरान नाम प्रकाश में आने पर असोथर व राधानगर की संयुक्त पुलिस टीम यह कार्रवाई की।
स्वजन ने इस बात का विरोध शुरू कर दिया कि …जब कोई मुकदमा नहीं है तो गिरफ्तारी क्यों। साथ में आरोपित ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता नरेंद्र गुप्ता (वर्तमान सेक्टर अधिकारी) गिरफ्तार कर जेल भेज दिया । चर्चा रही कि ग्राम सभा की पंचायत सहायक (भाजपा नेता की पारिवारिक बहू) प को पुलिस ने घर से हिरासत में ले लिया है…। हालांकि पुलिस इससे इन्कार कर रही है।
सरकंडी ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान व कोटेदार के बीच चली आ रही तनातनी सियासत रंग लेती जा रही है। ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार को लेकर दो सितंबर माह में बीडीओ राहुल मिश्र की ओर से अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता नरेंद्र गुप्ता, अवर अभियंता अजय प्रताप सिंह, तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी ब्लाक असोथर धर्मकीर्ति, ग्राम विकास अधिकारी जितेंद्रनाथ, प्रथम हस्ताक्षरकर्ता लेखाकार सूर्यप्रकाश, मनरेगा के अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी नितिन श्रीवास्तव, मनरेगा कंप्यूटर आपरेटर रामप्रकाश, पंचायत सहायक पूनम देवी, कंप्यूटर आपरेटर प्रकाश सिंह व शिवम पर मुकदमा दर्ज किया गया।
जिला स्तर पर मामले की जांच चल रही थी कि 17 दिसंबर को जांच टीम के सामने दोनों पक्षों में लाठी-डंडे चले और असलहों का प्रदर्शन हुआ। इस मामले में भाजपा नेता संतोष समेत 28 नामजद हुए जिसमें पुलिस छह गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपित भाजपा नेता की जगह उनकी पत्नी को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार किया तो भाजपा खेमे में एक गुट के नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। पहले तो पुलिस गिरफ्तारी से इन्कार करती रही फिर गबन के मुकदमें में पत्नी को विवेचना के दौरान आरोपित बनाने की बात पुलिस ने स्पष्ट किया।
मनरेगा घोटाले के बाद डीएम से राज्य वित्त एवं केंद्रीय वित्त के कामों में धांधली की शिकायत हुई थी, जिसकी जांच में बीते 17 दिसंबर को अधिकारियों की गई जांच टीम के सामने ही दो पक्षों में मारपीट व फायरिंग हो गई थी जिसमें पुलिस ने दोनों पक्षों से 28 नामजद व 15 अज्ञात आरोपितों पर बलवा के तहत मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद हत्या के प्रयास की धारा बढ़ाकर भाजपा नेता प्रधान पति संतोष द्विवेदी पक्ष से छह आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था लेकिन दूसरे पक्ष से किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी।
एसओ धीरेंद्र ठाकुर ने बताया कि गबन के मुकदमे की विवेचना दौरान ग्राम प्रधान पुष्पा देवी का नाम प्रकाश में आने पर बढ़ाया गया। प्रयागराज जिले के सोरांव थाने के लखनीपुर गांव के रहने वाले अवर अभियंता नरेंद्र गुप्ता नामजद थे। इन दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। विवेचना में नाम प्रकाश में आने पर आरोपित को नोटिस या सूचना देने का कोई प्राविधान नहीं है। जांच अधिकारियों के सामने मारपीट करने वालों के शस्त्र लाइसेंस की जांच कर निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। फिलहाल नामजद आरोपितों की धरपकड़ के प्रयास किए जा रहे हैं। ब्लाक की पंचायत सहायक पूनम देवी की गिरफ्तारी से इन्कार कर दिया।
भाजपा नेता प्रधानपति संतोष द्विवेदी ने बताया कि मनरेगा के पुराने मुकदमे में पत्नी नामजद तक नहीं है, इसके बावजूद पुलिस ने साजिश के तहत पत्नी को गिरफ्तार कर जेल भेजा है जिसकी सूचना व नोटिस तक पुलिस ने नहीं दी। औचक घर में छापेमारी कर स्वजन को धमकाया। पुलिस एक पक्षीय कार्रवाई कर रही है। पुलिस की इस कार्रवाई के विरुद्ध वह उच्च न्यायालय में अपील करेंगे।
55 लाख घोटाले के मुकदमे में ब्लाक के अवर अभियंता नरेंद्र गुप्ता व विकास अधिकारी जितेंद्रनाथ को उच्च न्यायालय से गिरफ्तारी पर रोक का स्टे नहीं मिला है अन्य सभी आठ आरोपितों को अरेस्ट स्टे मिल गया है जिससे अब पुलिस विकास अधिकारी को गिरफ्तारी कर सकती है …। एसओ ने बताया कि मुकदमे की विवेचना एसएसआइ सुनील कुमार यादव कर रहे हैं।

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