कानपुर में कारोबार के नाम पर विदेशी उद्यमियों को ठगा, 40 खातों में मिला करोड़ों का खेल, दो आरोपी गिरफ्तार

कानपुर/उत्तर प्रदेश। कानपुर में चेक गणराज्य के कारोबारी गैंगेला से करीब दो करोड़ ठगने वाले गिरोह ने पोलैंड, ऑस्ट्रेलिया, नार्वे, अफ्रीका समेत अन्य देशों के उद्यमियों को जालसाजी का शिकार बनाया है। यह जानकारी पनकी पुलिस व पश्चिम जोन के साइबर सेल को गिरोह के दो सदस्यों की गिरफ्तारी और पूछताछ से हुई। दोनों के पास से कार, एटीम, पासबुक, चेकबुक, करारनामा समेत अन्य दस्तावेज मिले हैं। जांच में 40 बैंक खातों का पता चला है जिसमें करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन हुए हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया।
डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि गैंगेला की चेक रिपब्लिक गणराज्य के फ्रेनस्टैट पॉड रैडोस्टेम में गैंगेला एसआरओ नाम से कंपनी है। यहां अदर नॉन ड्यूरेबल मिसलेनियस गुड्स (अन्य विविध गैर टिकाऊ वस्तुएं) का कारोबार होता है। कंपनी को स्टील के रैक की आवश्यकता थी। आरोपियों ने पनकी के अपट्रॉन स्टेट में स्टील की फर्जी फर्म वर्धमान इंडस्ट्रीज बनाई और कंपनी से संपर्क किया। करीब तीन करोड़ से अधिक में सौदा हुआ। कंपनी ने पहले चरण में लगभग दो करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। गिरोह रुपये खाते में आते ही फरार हो गया।
गैंगेला ने 13 जनवरी 2026 को पुलिस कमिश्नर कार्यालय को ई-मेल कर घटना की शिकायत की। विवेचना डीसीपी पश्चिम कार्यालय को भेजी गई। पश्चिम जोन के साइबर सेल की जांच में सामने आया है कि वर्धमान इंडस्ट्रीज से रुपयों को मुंबई की नेशनल स्टील एंड फेरो एलॉय इंडस्ट्रीज के खाते में ट्रांसफर किया गया। वर्धमान इंडस्ट्रीज को रुपये खाताधारक नौबस्ता पशुपतिनगर निवासी अरविंद यादव और नेशनल स्टील एंड फेरो एलॉय इंडस्ट्रीज की राशि शक्तिनगर जोगेश्वरी बेस्ट मुंबई के रामकुमार राय के खाते में भेजे गए थे।
पनकी थाने में अरविंद यादव और रामकुमार राय के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने झांसी के सीपरी कॉलोनी के अमित ओम प्रकाश शर्मा और नौबस्ता पशुपतिनगर के आकाश कुमार को गिरफ्तार किया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक गिरोह में शामिल दो आरोपियों को मुंबई से हिरासत में लिया गया है। एक आरोपी मूलरूप से बिहार का रहने वाला है। टीम दोनों को शुक्रवार की रात तक शहर ला सकती है। आरोपियों के कई बैंक खातों और ट्रांजेक्शन का पता चला है। उसकी जांच कराई जा रही है।
साइबर सेल के प्रभारी शुभम यादव ने बताया कि गिरोह करीब दो साल से इसी कार्य में लगा हुआ है। यह कारोबार और डील फाइनल करने के लिए फर्म बनाया करते थे। मेटल्स, केमिकल, दवाओं के लिए फर्म बनाई थी। इसके लिए आरोपी पूरी प्रक्रिया करते थे। ई-मेल के माध्यम से सभी तरह के बिल, एक्साइज ड्यूटी, टैक्स आदि की जानकारी दी जाती थी। फर्म का लाइसेंस आदि भी दिखाया जाता था।

Kanpur Police Arrest 3 in ₹200 Cr Scam | Czech Businessman Cheated

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