टीकमगढ़ जिले के मातोल गांव में पॉलिथीन से ढंककर करना पड़ा अंतिम संस्कार

टीकमगढ़/मध्य प्रदेश। बुंदेलखंड में टीकमगढ़ जिले के खरगापुर के गांवों में बारिश के दौरान यदि किसी व्यक्ति का निधन हो जाए तो उसे मुक्ति दिलाने के लिए परिजन और ग्रामीणों को काफी संघर्ष करना पड़ता है। रविवार को मातोल गांव से ऐसे ही तस्वीरें सामने आईं, जिसमें चिता के ऊपर पॉलिथीन लगाकर अंतिम करना पड़ा।
जानकारी अनुसार टीकमगढ़ जिले के खरगापुर ब्लॉक के मातोल गांव के बुजुर्ग रामस्वरूप तिवारी का निधन बीती रात हो गया था। उनका अंतिम संस्कार रविवार को किया जाना था। भारी बारिश के दौरान काफी इंतजार किया, लेकिन जब पानी नहीं रूका तो परिजन और ग्रामीणों ने गांव के बाहर खुले आसमान के नीचे पॉलिथीन लगाकर चिता सजाई और अंतिम संस्कार किया।
ग्रामीण राजेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि उनके मातोल गांव में न मुक्तिधाम है, न अंतिम संस्कार के लिए जगह चिन्हित है। ग्राम पंचायत में हर बार मुक्तिधाम और टीनशेड के लिए बात की गई, लेकिन आज तक टीनशेड नहीं बन पाया है। सरपंच और जनपद पंचायत को भी अवगत कराया गया है। रविवार को रामस्वरूप तिवारी के अंतिम संस्कार के दौरान तीन बार प्रयास करने के बाद अंतिम संस्कार हो सका।
मामले की जानकारी जब मीडिया के माध्यम से कलेक्टर विवेक श्रोतिय तक पहुंची तो उन्होंने तत्काल संज्ञान लेते हुए जनपद सीईओ को निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि दो दिन में टीनशेड का काम शुरू हो जाएगा। दूसरी ओर इस मामले में यदि पंचायत स्तर पर किसी की लापरवाही है तो कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का प्रयास है कि हर ग्राम पंचायत में अंतिम संस्कार के लिए टीनशेड बनाए जाएंगे।




