फोन से दूरी, रोजाना नौ घंटे पढ़ाई कर यूपी टॉपर बनी प्रयागराज की महक
Staying away from phone, studying for 9 hours daily, Mehak of Prayagraj became UP topper

प्रयागराज/उत्तर प्रदेश। पंख से कुछ नहीं होता, हौसले से उड़ान होती है…। यह पंक्तियां यूपी बोर्ड की 12वीं की टॉपर महक जायसवाल पर फिट बैठती हैं। गरीबी और अभाव को पीछे छोड़कर बुलंदी की नई इबारत लिखने वाली गांव की इस बेटी ने अपनी मेहनत से उम्मीदें तो जगाई ही, सपनों को नया पंख दे दिया है। विज्ञान वर्ग की छात्रा महक का सपना है कि वह डॉक्टर बनकर देश औ्र समाज की सेवा कर सकें।
फूलपुर तहसील के कनेहटी गांव के साधारण परिवार की बेटी महक ने यूपी टॉप कर जिले का ही नहीं पूरे प्रदेश का नाम रौशन किया है। पिता शिव प्रसाद जायसवाल कोखराज में मुरमुरे के साथ पान मसाला व किराना की सामानों की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, जबकि मां कुसुम जायसवाल गृहणी है। चार भाई बहनों में तीसरे नंबर की महक ने अमर उजाला से बातचीत में अपने सपनों को साझा किया।
पढ़ने का जुनून महक के जेहन में उसकी बड़ी बहन आयुषी ने जगाया। आयुषी भी 10वीं और 12वीं में अव्वल रही हैं। महक बताती हैं कि पढ़ाई का समय प्रबंधन उन्होंने अपनी बड़ी बहन आयुषी से ही सीखा। वह नियमित नौ से 10 घंटे पढ़ाई करती हैं। महक पढ़ाई के दौरान हमेशा फोन से दूरी बनाकर रखती हैं। वह कहती हैं कि मेहनत और लगन से अगर किसी भी लक्ष्य को बनाया जाए तो सफलता हासिल की जा सकती है। बच्चाराम यादव इंटर कॉलेज की इस छात्रा ने अपनी सफलता के पीछे फिजिक्स के शिक्षक रत्नेश यादव की मेहनत को भी याद किया।
वह बताती है कि फिजिक्स के शिक्षक रत्नेश लगातार रिवीजन कराने के साथ ही आगे की चीजों को याद रखने के लिए हमेता प्रेरित करते रहते थे। खाने, पहनने में सादगी उन्हें पसंद है। वह कहती हैं कि बेटियों अगर माहौल और संसाधन मिले तो वह हर क्षेत्र में बेहतर कर सकती हैं। यूपी में योगी आदित्यनाथ सरकार की कानून -व्यवस्था से वह प्रभावित हैं। वह कहती हैं कि पहले बेटियां सुरक्षित नहीं थीं, लेकिन अब कोई भी बेटी घर से स्कूल तक सुरक्षित और स्वतंत्र भाव से आ जा सकती है। महक कहती हैं कि उनका सपना आगे चलकर डॉक्टर बनकर देश सेवा करने का है।




