गाजियाबाद में परचून की दुकान चला रहा था खालिस्तानी आतंकी, 30 साल से था फरार
साहिबाबाद पुलिस ने आरोपित को अमृतसर से गिरफ्तार किया था,1995 में जमानत पर बाहर आने के बाद से था फरार

- खालिस्तान कमांडो फोर्स का फरार आतंकी एटीएस और साहिबाबाद पुलिस ने बुधवार को अमृतसर से किया था गिरफ्तार
- बृहस्पतिवार को आरोपित को कोर्ट में पेश किया गया, कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में जेल भेजा, अब रुके हुए केसों में चलेगा ट्रायल
गाजियाबाद। बीते 30 वर्षों से फरार चल रहे खालिस्तान कमांडो फोर्स के आतंकी मंगल सिंह को बुधवार को अमृतसर से एटीएस और साहिबाबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया था। आरोपित को बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। आरोपित पर अब रुके हुए केसों में मुकदमा चलेगा। पुलिस का कहना है कि अमृतसर में आरोपित किराना स्टोर चलाने के साथ ही प्रॉपर्टी डीलर का भी काम कर रहा था।
बृहस्पतिवार को साहिबाबाद पुलिस ने मंगत सिंह को एसीजे जूनियर डिवीजन-चार और एक अन्य कोर्ट में पेश किया। दोनों कोर्ट से आरोपित जमानत के बाद फरार चल रहा था। कोर्ट ने आरोपित को जेल भेज दिया है। एसीपी साहिबाबाद श्वेता यादव के मुताबिक वर्ष 1993 में मंगत सिंह पर साहिबाबाद थाने में लूट और वसूली के केस दर्ज हैं। 11 मार्च 1993 को पुलिस ने मंगत सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कोर्ट से 16 अगस्त 1995 को जमानत मिलने के बाद आरोपित फरार था। बीते वर्ष ही 12 दिसंबर को कोर्ट ने आरोपित के स्थायी वारंट जारी कर पुलिस को आदेश दिया था कि जब भी आरोपित को पकड़ा जाएगा उसे कोर्ट के समक्ष पेश किया जाए। स्थायी वारंट जारी होने के बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। एटीएस नोएडा यूनिट और साहिबाबाद पुलिस ने आरोपित को अमृतसर से गिरफ्तार किया।
आराेपित अमृतसर के खिलाचियां थानाक्षेत्र के टिम्मोवाल में जनरल स्टोर चला रहा था और प्रॉपर्टी डीलिंग का काम कर रहा था। पुलिस की जांच और पूछताछ में सामने आया है कि वर्ष 1995 में जमानत पर बाहर होने के बाद आरोपित फरार हो गया था। इसी अवधि में उसने शादी की और अभी उसके दो बच्चे भी हैं।
सुरक्षा एजेंसियों की गिरफ्त में आए खालिस्तानी कमांडो फोर्स से जुड़ा आतंकी मंगत सिंह उर्फ मंगा विवेकानंद नगर में एक साल तक वीर सिंह के मकान में किराए पर रहा था। बृहस्पतिवार को वीर सिंह की पत्नी बाला देवी ने दैनिक जागरण को बताया कि वह बीते 50 वर्षों से इस मकान में रह रहे हैं। मंगत सिंह वर्ष 1990 में जब उनके यहां किराए पर रहने आया था तब उसके साथ एक महिला भी थी।
उसने महिला को अपनी पत्नी बताया था। उसने बताया था कि वह एक कंपनी में नौकरी करता है। मंगत सिंह और उसके साथ रहने वाली महिला किसी पड़ोसी से ज्यादा बात नहीं करते थे। करीब एक वर्ष मंगत सिंह उनके यहां रहा फिर पुलिस उसको गिरफ्तार करके ले गई थी।
उन्हें नहीं पता आरोपित को कहां की पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उसके साथ रहने वाली महिला भी कुछ दिन बाद ही मकान खाली कर चली गई थी। उसके बाद का उन्हें कुछ नहीं पता है। मंगत सिंह को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार किया है, इसकी जानकारी भी उन्हें नहीं है।




