दिल्ली पुलिस ने किया नकली नोट गिरोह का भंडाफोड़, 17 लाख रुपये के जाली नोट बरामद
Delhi Police busted a fake currency racket, recovered fake currency worth Rs 17 lakh

- आउटर नॉर्थ जिले के स्पेशल स्टाफ टीम ने नकली नोटों के साथ 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया
- गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से 17,01,500 के नकली नोट बरामद हुए
- मुख्य आरोपी विकास भारद्वाज पर पहले से लखनऊ में नकली करंसी का मामला दर्ज है
नई दिल्ली। आउटर नॉर्थ जिले के स्पेशल स्टाफ टीम ने नकली नोटों के मेन सप्लायर समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से ए4 साइज शीट पर प्रिंटेड 17,01,500 के नकली नोट बरामद हुए हैं। आरोपियों में समयपुर बादली के खेड़ा खुर्द निवासी 42 वर्षीय विकास भारद्वाज, यूपी के जिला गोंडा निवासी 19 वर्षीय सत्यम सिंह, 24 वर्षीय सचिन और यूपी के बरेली स्थित मीरगंज निवासी 22 वर्षीय अनुराग शर्मा हैं। आरोपियों के पास से 500 रुपये के 919 नोट जब्त किए गए। नोट प्रिंट करने के लिए ए4 साइज की 621 शीट, एक लैपटॉप, एक कलर प्रिंटर, दो लेमिनेटर, 1 पेपर कटिंग मशीन, A4 साइज पेपर के 9 बंडल, 1 महात्मा गांधी की वाटर मार्किंग मुहर और अन्य इस्तेमाल होने वाली चीजें बरामद की हैं।
आउटर नॉर्थ डीसीपी निधिन वाल्सन के मुताबिक, 13 नवंबर को स्पेशल स्टाफ की टीम को एक इनपुट मिला कि नकली नोटों की सप्लाई सिंडिकेट से जुड़ा एक मेंबर नया बांस गांव, एसडीएम ऑफिस के पास बने टेंपरेरी बस स्टैंड पर सप्लाई के लिए आएगा। उसके पास बड़ी मात्रा में नकली नोट हैं। इंस्पेक्टर पवन यादव, एसआई राकेश, हेड कॉन्स्टेबल दीपक, सुधीर और आशुतोष व टीम ने विकास भारद्वाज नाम के आरोपी को पकड़ लिया। इसके पास से एक बैग मिला। जिसकी तलाशी में 500 के कुल 399 नकली नोट मिले। इस संबंध में नरेला इंडस्ट्रियल एरिया में मामला दर्ज कर इस नेटवर्क से जुड़े बाकियों के बारे में तफ्तीश शुरू की। आरोपी विकास से हुई पूछताछ में उसके दो साथियों सत्यम सिंह और सचिन को यूपी के गोंडा से पकड़ा।
इनकी निशानदेही पर 20,000 के नकली नोट मिले। आगे की जांच और टेक्निकल डेटा के आधार पर खोड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद में छापा मारा। वहां से अनुराग शर्मा नाम के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जो कि किराए के कमरे में रहते हुए नकली नोट प्रिंट करता था। छानबीन में पता चला कि विकास पर पहले से लखनऊ में नकली करंसी का मामला दर्ज है। इस पर दिल्ली के शाहबाद डेयरी इलाके में हत्या की कोशिश का केस भी दर्ज है। विकास ही नकली करंसी का मुख्य सप्लायर है। इसी तरह सत्यम और सचिन भी सप्लायर हैं। जबकि अनुराग अपने किराए के कमरे में नकली नोटों को प्रिंट करता था।




