फतेहपुर जिला अस्पताल में बंद किया डेंगू वार्ड, प्लेटलेट्स व वेंटीलेटर की भी सुविधा नहीं, मरीज राम भरोसे
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फतेहपुर/उत्तर प्रदेश। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार लगातार प्रयास कर रही है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को जिला अस्पताल न आना पड़े इसके लिए सीएचसी और पीएचसी केंद्रों को आधुनिक बनाया जा रहा, लेकिन कर्मचारियों की लापरवाही से ऐसा होते नहीं दिख रहा। जिला अस्पताल में डेंगू के इलाज की कोई सुविधा नहीं है। प्लेटलेट्स चढ़ाने के साथ हालत बिगड़ने पर रोगी को अस्पताल में वेंटीलेटर भी नहीं मिल सकता है। जुलाई में छह बेड वाला डेंगू वार्ड भी बंद कर दिया गया है। ऐसे में गंभीर डेंगू (डी-टू) रोगियों को जिला अस्पताल से कानपुर रेफर किया जा रहा है।
डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। पिछले 10 दिन में 61 डेंगू रोगियों के साथ कुल संख्या 260 पहुंच गई। इनमें डी टू (गंभीर) डेंगू रोगियों की संख्या 25 है। डी टू डेंगू रोगियों को समय रहते बेहतर उपचार आवश्यक है। थोड़ी सी चूक भी जानलेवा बन सकती है। इसमें रोगी को जरूरत के हिसाब से प्लेटलेट्स और वेंटीलेटर की जरूरत पड़ सकती है, लेकिन जिला अस्पताल में यह दोनों सुविधाएं नहीं हैं। वहीं डेंगू वार्ड भी बंद कर दिया गया है। ऐसे में डेंगू रोगियों को भर्ती करने से अस्पताल प्रशासन बचता है। मरीज भी जिला अस्पताल पर भरोसा नहीं करके निजी या कानपुर, रायबरेली (एम्स), प्रयागराज में उपचार कराना बेहतर समझते हैं।



