अमेठी में हज यात्रा के नाम पर 18 लाख की ठगी का मामला,कांग्रेस नेता के खिलाफ 420 का मामला दर्ज

अमेठी/उत्तर प्रदेश। यूपी के अमेठी जिले में धर्म के नाम पर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। एक कांग्रेस नेता ने चार लोगों को हज भेजने के नाम पर 18 लाख रुपए ऐंठ लिए। 18 लाख खर्च करने के बाद भी जब पीड़ित बिना हज किए वापस घर आ गए तो पूरे मामले का खुलासा किया। ठगी के मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के नाम पर रिश्वत लेने की बात सामने आई है। आरोपी कांग्रेस नेता सोशल वेलफेयर ट्रस्ट चलता है। इसी ट्रस्ट के माध्यम से लोगों को मक्का भेजता है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
जानकारी के मुताबिक कमरौली थाना क्षेत्र के इंडस्ट्रियल एरिया में रहने वाला कांग्रेस नेता खुर्शीद अजीज अल अजीज सोशल वेलफेयर के नाम से एक ट्रस्ट चलाता है। इसी ट्रस्ट के माध्यम से लोगों को हज के लिए मक्का भेजता है। बाजार शुकुल थाना क्षेत्र के महोना पश्चिम गांव के रहने वाले इमानुल्ला ने कांग्रेस नेता के माध्यम से अपने माता पिता और बुआ को हज के लिए भेजा। बिना हज यात्रा के ही हज यात्री किसी तरह जान बचा कर वापस घर आ गए। पीड़ित ने कांग्रेस नेता पर 18 लाख की ठगी का आरोप लगाया है। पीड़ित की तहरीर पर कमरौली थाने में पुलिस ने गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित इमानुल्ला ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि पासपोर्ट में देरी के कारण सरकारी सुविधा नहीं मिल पाई। इसके बाद वो खुर्शीद अजीज के पास पहुंचे। अजीज ने एक व्यक्ति के हिसाब से 4 लाख पचास हजार रुपये की डिमांड की। आमतौर पर करीब 7 लाख रुपये लगते हैं। जब उनसे पैसे कम लेने की बात कही गई तो खुर्शीद अजीज ने कहा कि एक लाख रुपये एक व्यक्ति पर बचता है। मंत्री स्मृति ईरानी को डेढ़ लाख रुपए देने पड़ते हैं, जो वो नही देंगे, इसलिए उनसे वो साढ़े चार लाख रुपये ही लेगा। इमानुल्ला ने अपने पिता अताउल्ला, मां जुबैदा बेगम, दूसरी मां शमा परवीन और बुआ जसीरुल निशा को हज भेजने के लिए खुर्शीद अजीज को दो किश्तों में 17 लाख 20 हजार और 80 हजार रुपये नकद दिए। 17 मई को सभी एयरपोर्ट पहुंचे, जहां सभी को हज का टूरिस्ट वीजा दिया गया।
कहा गया कि वहां के एयरपोर्ट पर आपको सभी पेपर मिल जाएंगे। वहां कोई नहीं मिला और पुलिस ने सख्त हिदायत देते हुए सभी को बॉर्डर के इलाके में छोड़ दिया। किसी तरह उन लोगों ने अपने घर फोन किया, जिसके बाद हम लोगों ने खुर्शीद अजीज पर दबाव बनाया तो उन्होंने टिकट कराया। इसके बाद सभी वापस लौटे। पूरे मामले में कमरौली एसएचओ अविनेश कुमार ने बताया की मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।मामले की जांच चल रही है।




