तीन दिन बाद भी नहीं बुझ पाई चांदनी चौक की आग, बार-बार उठ रहा धुंआ

नई दिल्ली। चांदनी चौक की नई सड़क स्थित मारवाड़ी कटरे में लगी आग तीसरे दिन भी पूरी तरह शांत नहीं हो पाई है। गुरुवार शाम पांच बजे लगी आग पर तो शुक्रवार को ही काबू पा लिया गया था लेकिन बार-बार धुंआ उठने और आग की लपटे दिखने की वजह से अग्निशमन के कर्मी मोर्चा संभाले हुए हैं। अभी तक आग को बुझाने में सौ से अधिक अग्निशमन की गाड़ियों का आग बुझाने के लिए उपयोग हो चुका है लेकिन अभी पूरी सफलता नहीं मिली है। आग लगने की वजह से कमजोर हुई इमारत गिर गई है। चूंकि अंदर कपड़े की दुकाने थी तो बार-बार वह सामान आग पकड़ ले रहा है।
अग्निशमन कर्मियों के सामने दिक्कत आ रही है करीब 15 फिट के मलबे के नीचे पड़े सामान में लग रही आग को कैसे बुझाए। इसलिए जहां से भी धुंआ उठता हुआ देखा जाता है वहां पर पानी की सहयता से उसे आग में तब्दील होने से रोकने की कोशिश फायर कर्मी करते हैं।
पुलिस ने आग की घटना को लेकर कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कटरा मारवाड़ी की दूसरी मंजिल पर लगे एसी के आउटर डोर में निकली चिंगारी के बाद आग लगी थी। शनिवार को क्राइम और एफएसएल की टीम ने भी घटनासथल पर पहुंच हालात का जायजा लिया।
अग्निशमन विभाग के अनुसार नई सड़क स्थित कटरा मारवाड़ी में आग लगने के बाद से सौ से ज्यादा गाड़ियों का इस्तेमाल किया जा चुका है। दस लाख लीटर पानी आग बुझाने के लिए अब तक डाला जा चुका है। पूरी मार्किट में साड़ी, सूट, लहंगे व ड्रेस मैटेरियल का काम हाता था। ऊपरी सतह पर लगी आग तो बुझ चुकी है, लेकिन तेज गर्मी के कारण पानी सूखते ही आग फिर से धधक उठती है। कूलिंग का काम पूरा होने में अभी भी एक दो दिन ओर लग सकते हैं।
अभी तक नुकसान भी नहीं देख पाए हैं दुकानदार
चांदनी के जिस मारवाड़ी कटरे में आग लगी है उसमें दो मार्केट हैं। इसमें एक अनिल मार्केट व दूसरी भगवती मार्केट। दोनों में चसवा से ज्यादा दुकानों के आग की चपेट में आई है। इसमें सौ करोड़ से ज्यादा के नुकसान का अनुमान है। वहीं, दुकानदारों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह आ रही है कि आग लगने के बाद वह यह ही नहीं देख पा रहे हैं कि उनकी दुकान की आखिर स्थिति क्या है।
आग की वजह से अभी अग्निशमन कर्मी वहां जाने नहीं दे रहे हैं। साथ ही इलाके की बिजली भी फिलहाल एहतियातन काट रखी है। दुकानदार पहुंचते तो हैं लेकिन अभी आग बुझाने का काम जारी होने की वजह से मायूस होकर लौट जाते हैं।
दुकानदार शनिवार को सुबह पहुंचे फिर दोपहर और और शाम भी पहुंचे लेकिन उन्हें तीनों बार में से एक भी बार अपनी दुकान के पास पहुंचने का मौका नहीं मिला। अपनी दुकान की स्थिति देखने पहुंचे कारोबारी कृष्ण ने बताया कि उनकी अनिल मार्केट में घड़ी की दुकान है।
वह 1987 से अनिल मार्केट में यह काम कर रहे हैं। आग लगने की वजह से जर्जर हुई इमारत का जो मलबा गिरा है वह उनकी ही दुकान है। दुकान के ऊपर आज भी धुंए का गुबार दिख रहा है। उन्होंने कहा कि वह यह देखने आए थे कि आखिर नुकसान कितना हुआ है। अगर, कुछ सामान बच सकता है तो वह निकाल ले ताकि कम से कम नुकसान हो।
दिहाड़ी करने वाले मजदूरों पर रोजगार का संकट
चांदनी चौक की आग से सबसे ज्यादा दिक्कत दिहाड़ी के मजदूरों को है, क्योंकि आग लगने के बाद उन्हें कहा पर काम मिलेगा या नहीं इसकी समस्या हो गई है। जो दुकाने थी उनसे रोज की दाल रोटी का खर्चा निकल जाता था लेकिन अब समस्या यह है कि काफी लंबी हो गई है। जो दुकाने जल गई है उनकी कब मरम्मत होगी और कब वह चालू होगी इसका कोई पता नहीं है।
एक मजदूर सतीश ने बताया कि वह एक साड़ी की दुकान पर सामान ढोहने का कार्य करते थे लेकिन अब तो न दुकान मालिक ही फोन उठा रहे हैं और न ही यह पता चल रहा है कि काम मिलेगा या नहीं। उन्होंने बताया कि उन जैसे करीब 500 लोगों का रोजगार इससे प्रभावित हुआ है।




