बीजेपी के पूर्व सांसद को सीएम योगी से नहीं मिलने दिया, गुस्से में गाजियाबाद डीएम को 12 नेताओं ने भेजा चाय का बिल

गाजियाबाद। पूर्व सांसद डॉक्टर रमेश चंद तोमर समेत बीजेपी के 12 वरिष्ठ नेता उस समय नाराज हो गए जब उन्हें सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलने नहीं दिया गया। इन नेताओं का कहना है कि वे सभी संगठन के बुलावे पर मुख्यमंत्री योगी से मिलने प्रताप विहार स्थित गंगा वॉटर प्लांट पर पहुंचे थे। इन नेताओं का आरोप है कि अधिकारियों और बीजेपी से जुड़े कुछ नेताओं ने उन्हें मुख्यमंत्री के जाने के दौरान निकलने वाले स्थान पर लाइन में लगने के लिए कह दिया। इससे यह नेता नाराज हो गए और विरोध जताकर मुख्यमंत्री से बिना मिले ही लौट आए।
इन नेताओं का कहना है कि उन्होंने जब डीएम से इस पर नाराजगी जताई और इसे वरिष्ठ नेताओं का अपमान बताया, तो डीएम ने यह कह दिया कि आपको पूरा सम्मान दिया और आपको चाय भी पिलाई। इस पर एक नेता ने कहा कि चाय पिलाई तो उसके पैसे ले लो। बाद में इन 12 नेताओं ने एक लेटर लिखकर डीएम को 50 रुपये प्रति चाय के हिसाब से 600 रुपये और 100 रुपये अतिरिक्त मिलाकर कुल 700 रुपये लेटर के साथ भेज दिए। ये रुपये डीएम कैंप ऑफिस में भेजे गए। हालांकि वहां इसे लेने से इनकार कर दिया गया। अब इन नेताओं का कहना है कि वह डाक के जरिए रुपये भिजवाएंगे।
डीएम ने कहा किसी का अपमान नहीं हुआ
डीएम राकेश कुमार सिंह का कहना है कि प्रशासन ने सभी नेताओं के सम्मान दिया था। संगठन के लेटर पर केवल सीएम की विदाई के दौरान उपस्थित रहने के लिए ही इन नेताओं को पास भी जारी हुआ था। इनके पास उनसे मिलने और मीटिंग का पास नहीं था। जहां तक इन नेताओं की ओर से रुपये भेजने का मामला है तो उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है।
शनिवार शाम गाजियाबाद आए थे सीएम
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को प्रताप विहार स्थित जल निगम की गेस्ट हाउस में आए थे। देर शाम को वे जनप्रतिनिधियों सांसद, विधायक, मेयर समेत कई अन्य नेताओं से मिलते रहे। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से भी विकास कार्यों पर मंत्रणा की। बताया गया कि महानगर संगठन की ओर से जिले के 20 वरिष्ठ को फोन कर सुबह 9:30 बजे मुख्यमंत्री से मिलने के लिए आमंत्रित किया था। बाद में इन नेताओं को 9 बजे तक पहुंचने का आग्रह किया गया। इसके लिए बाकायदा नेताओं के कमिश्नरेट से पास तक बनवाए गए थे।
इनमें 12 नेता जिनमें पूर्व सांसद डॉक्टर रमेश चंद तोमर, पूर्व विधायक रूप चौधरी, कृष्णवीर सिरोही, प्रशांत चौधरी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य पृथ्वी सिंह, पवन गोयल, प्रदेश संयोजक सदस्यता अभियान अजय शर्मा, पूर्व महानगर अध्यक्ष विजय मोहन, अनिल स्वामी, वीरेश्वर त्यागी, राजेंद्र त्यागी और सरदार एसपी सिंह शामिल थे।
विदाई वाली लाइन में लगने को कहा
रुपये भेजने वाले 12 नेताओं का कहना है कि वह मुख्यमंत्री योगी के सम्मान को ध्यान में रखते हुए समय पर पहुंच भी गए थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें एक हॉल में इंतजार करने के लिए बैठा दिया। इस दौरान उन्हें चाय-नाश्ता करने के लिए भी कहा पर नेताओं ने मना कर दिया। बाद में प्रशासन की ओर से कुछ अफसर इन नेताओं के लिए चाय ले आए। इन नेताओं ने मुख्यमंत्री से मिलवाने के लिए कहा लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आरोप है कि कुछ देर बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने इन नेताओं से कहा कि आप लोग मुख्यमंत्री से निकलने वाले रास्ते में लाइन में विदाई देने के लिए खड़े हो जाए।
इस पर जब कुछ नेताओं ने कुछ समस्याओं के बारे में मुख्यमंत्री से बात करने के लिए कहा तो अधिकारियों ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। बताया गया है कि ये नेता प्रशासन के रवैए को अपमानजनक बताते हुए वहां से जाने लगे। इस पर डीएम ने रोका पर नेताओं ने कहा कि उनका अपमान हुआ है, जिस पर डीएम ने उन्हें यह कह दिया कि आपको सम्मान स्वरूप चाय भी पिलाई थी। इसके बाद सभी नेता चाय का भुगतान करने के लिए कहकर लौट गए।
कंफ्यूजन की वजह से हुआ ऐसा
इस संबंध में महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा का कहना था कि उन्होंने तो सभी वरिष्ठों को बुलवाया था, चूंकि सभी के समक्ष पास मौजूद थे इसलिए वे निश्चिंत होकर किसी काम से चले गए थे, बाद में उन्हें प्रकरण के बारे में पता लगा। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि इससे किसी नेता का अपमान नहीं हुआ, कंफ्यूजन की वजह से ऐसा हुआ। इसे मिलकर दूर करने का प्रयास करेंगे।

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