अमेरिकी पिस्टल से 15 अगस्त को आतंकी हमले की फिराक में था अहमद रजा!

लखनऊ,(उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश की एंटी टेरर स्क्वाड ने 15 अगस्त पर हमले के प्लान को लेकर हिजबुल मुजाहिदीन के मंसूबों को नेस्तनाबूत कर पानी फेर दिया है। एटीएस की पूछताछ में इस बात का खुलासा हुआ है। हिजबुल मुजाहिद्दीन से जुड़े आतंकी अहमद रजा से पूछताछ में सामने आया है कि अहमद रजा अपने साथी के साथ मिलकर आगामी स्वतंत्रता दिवस पर बड़ी आतंकवादी घटना को अंजाम देने की फिराक में था। वहीं एटीएस की टीम ने अहमद रजा की निशानदेही पर एक पिस्टल और कारतूस बरामद कर लिया है।
दरअसल मुरादाबाद के गुलडिया थाना मूढ़ा पांडेय के रहने वाले आतंकी अहमद रजा ने एटीएस को पूछताछ में बताया था कि उसने आतंकी वारदात के लिए एक पिस्टल भी खरीदी थी, जिसे मुरादाबाद में गांव के पास छिपाकर रखा है। उसी को रिकवर करने के लिए एटीएस की टीम शुक्रवार को अहमद रजा की निशानदेही पर बरामद कर लिया है। 1 पिस्टल 32 बोर मय मैगजीन और 6 जिंदा कारतूस बरामद किया है। पिस्टल पर ऑटोमेटिक पिस्टल मेड इन यूएसए लिखा हुआ है।
अहमद रजा से एटीएस की पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी हिजबुल मुजाहिद्दीन के पोस्टर ब्यॉय बुरहान वानी और जाकिर मूसा से प्रेरित था और उनको अपना आदर्श मानता था। जिसके मोबाइल से वीडियो, फोटो और व्हाट्सएप्प, फेसबुक मैसेंजर चैट प्राप्त हुई है। फिरदौस ने अहमद रजा को कश्मीर बुलाकर अनन्तनाग की पहाड़ियों में आंतकवादी ट्रेनिंग दी थी। वहीं व्हाट्सएप्प, फेसबुक मैसेंजर चैट्स से यह भी सामने है कि आतंकी अहमद रजा पाकिस्तानी व अफगानी आतंकवादियों के सम्पर्क में था और वो हथियारों की ट्रेनिंग ले रहा था।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि अहमद रजा तालिबानी सेना की स्पेशल फोर्स बदरी 313 कमांडो शाखा में शामिल होना चाहता था। उसके मोबाइल में मुजाहिद्दीनो के लिये हथियारों की व्यवस्था करने की पैंट और फोटो मिली है। इसके साथ ही आरोपी अहमद रजा जैश-ए-मोहम्मद के पाकिस्तानी आतंकवादी वलीद के सम्पर्क में था, जिसके कहने पर उसने एक ऑटोमेटिक पिस्टल खरीदी थी।
अहमद रजा अपने साथी के साथ मिलकर आगामी स्वतंत्रता दिवस पर बड़ी आतंकवादी घटना को अंजाम देने की फिराक में था। अहमद रजा की गिरफ्तारी के बाद शुरुआती जांच में सामने आया था कि की अहमद रजा पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान जाकर आतंकी कमांडों ट्रेनिंग लेकर वापस आकर भारत में आतंकी घटना को अंजाम देने के लिए प्लान बना रहा था।
उधर आतंकी फिरदौस अहमद डार से एटीएस पुछताछ में सामने आया कि फिरदौस के सगे चाचा गुलाम अहमद डार (मुजाहिद्दीन) था जो 1994 में सेना की मुठभेड़ में मार दिए गए थे। फिरदौस अपने मुजाहिद्दीन चाचा गुलाम अहमद डार से प्रेरित था और ज़ाकिर मूसा को अपना आदर्श मानता है। फिरदौस के मोबाइल से ज़ाकिर मूसा की फोटो और अन्य जेहादी विडियो बरामद हुए है, जिसमें मारे गए आतंकवादियों की शहादत का गुणगान किया गया है।
फिरदौस आतंकवादी संगठन हिजुबल मुजाहिदीन और जैश-ए-मोहम्मद के पाकिस्तानी के कमांडरों से लगातार सम्पर्क में था। फिरदौस ने ही आतंकी अहमद रजा को बुलाकर अनन्तनाग की पहाडियो में आतंकवादी ट्रेनिंग दी थी। एटीएस ने हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े एक आतंकी फिरदौस अहमद डार नाम को जम्मू कश्मीर के कोकरनाग से गिरफ्तार किया था।

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