लखनऊ में टीले वाली मस्जिद से बोर्ड हटाने की मांग, हिंदू महासभा ने कमिश्नर को सौंपा पत्र

लखनऊ,(उत्तर प्रदेश)। राजधानी लखनऊ में गोमती किनारे स्थित टीले वाली मस्जिद से जुड़ा मामला कोर्ट में चल रहा है। हिन्दू पक्ष का दावा है कि वो लक्ष्मण टीला है। इसी बीच अखिल भारत हिन्दू महासभा ने टीले वाली मस्जिद में लगे बोर्ड को हटाने की मांग की है। बोर्ड में टीले वाली मस्जिद लिखा हुआ है। इस संबंध में हिन्दू महासभा के प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने लखनऊ कमिश्नर रौशन जैकब को पत्र सौंपा है। इसके साथ ही नगर आयुक्त और पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों से भी इस संबंध में मुलाकात की है।
अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी का कहना है कि टीले वाली मस्जिद का मुकदमा न्यायालय में अभी चल रहा है, इसके बावजूद लखनऊ पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से टीले वाली मस्जिद का बोर्ड लगाया गया है। शिशिर चतुर्वेदी ने कहा कि हिंदू पक्ष का दावा है कि यह लक्ष्मण टीला है। हिन्दू महासभा ने पत्र के जरिए मांग की है कि टीले वाली मस्जिद को हटाया जाए।
इसके साथ ही हिन्दू महासभा ने टीले वाली मस्जिद की साफ सफाई को लेकर पत्र में मांग की है। उन्होंने लखनऊ कमिश्नर से पत्र के जरिये मांग की है कि नगर निगम को आदेशित किया जाए कि वहां की साफ सफाई की देख रेख की व्यवस्था विवादित स्थल होने के चलते ना की जाए। इसको लेकर शिशिर चतुर्वेदी का कहना है कि विवादित तौर पर उसे धार्मिक स्थल उन्होंने पर्सनली बना रखा है, जिसका हम विरोध करते है।
उधर हिन्दू महासभा का दावा है कि टीले वाली मस्जिद लक्षमण का टीला है। इसको लेकर अखिल भारतीय हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और अधिवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने अपने एक बयान में बताया था कि टीले वाली मस्जिद हमारा लक्ष्मण टीला हुआ करता था। यहां पर 8-9 हिंदू परिवार भी रहते थे। लेकिन उनका सामान फेंकवाकर उसपर जबरन कब्जा कर लिया गया और उन हिन्दू परिवारों को वहां से भगा दिया। उसके बाद सपा सरकार में उसे टीले वाली मस्जिद बनाकर वक्फ वगैरा से कब्जा कर लिया था। उसी की लड़ाई 2013 से चल रही है।
वहीं मिल रही जानकारी के अनुसार, बीजेपी नेता लालजी टंडन ने किताब में भी इसका जिक्र किया गया है। इसको लेकर लखनऊ से पूर्व सांसद और राज्यपाल स्वर्गीय लालजी टंडन ने अपनी किताब अनकहा लखनऊ में भी इसका जिक्र किया है। अपनी किताब में उन्होंने मुस्लिम समुदाय पर भगवान राम के छोटे भाई लक्ष्मण से शहर का नाता तोड़ने का आरोप लगाया था।
दिवंगत नेता लालजी टंडन ने अपनी किताब लिखा है कि मुगल सम्राट औरंगजेब के शासनकाल के दौरान राज्य की राजधानी की सबसे बड़ी सुन्नी मस्जिद का निर्माण लक्ष्मण टीला पर किया गया था, जो भगवान राम के भाई लक्ष्मण के नाम पर बनाया गया, एक ऊंचा मंच था। किताब इस वजह से राजनीतिक विवाद में भी घिर गई थी।

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