वसूली के आरोप में ईस्ट दिल्ली जिले के साइबर सेल थाने के एसएचओ और आईओ सस्पेंड

पूर्वी दिल्ली। ईस्ट जिले के साइबर सेल थाने के एसएचओ और एक केस के आईओ के खिलाफ पांडव नगर थाने में एक्सटॉर्शन, आपराधिक षडयंत्र, धमकी और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है। आला अफसरों ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी इंस्पेक्टर और अन्य पुलिसकर्मी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच पूरी हो जाने के बाद ही सही तथ्यों की जानकारी सामने आ सकेगी। ईस्ट जिले के पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पीड़ित शख्स ने पुलिस को बताया कि उनकी शादी नवंबर 2013 में हुई थी। 2019 में उन्होंने अपनी पत्नी को एक लड़के के साथ अफेयर में पकड़ा। आरोप है कि पत्नी ने तब माफी मांगी। कुछ दिन में पत्नी का जॉब लेटर आ गया। पति ने उन्हें 6 महीने के लिए कर्नाटक भेज दिया। ट्रेनिंग खत्म कर पत्नी वापस आ गईं। पति का आरोप है कि जनवरी 2022 में पत्नी यह बोलकर अपने घर चली गईं कि उन्हें ऑफिस घर से पास पड़ेगा। कुछ समय बाद पत्नी ने उनसे बात करना बंद कर दिया। पति का आरोप है कि कुछ टाइम बाद पता चला कि पत्नी अपने घर पर नहीं है। पत्नी ने शकरपुर थाने में एक शिकायत देकर पति और उसके पूरे परिवार का नाम लिखा दिया। सूत्रों के मुताबिक, फिर कुछ दिन बाद पत्नी ने गाजियाबाद जिले में शिकायत दर्ज करा दी। इसके बाद पत्नी ने कड़कड़डूमा कोर्ट में घरेलू हिंसा का केस कर दिया। पति ने पुलिस को बताया कि वह समझ नहीं पाए कि आखिर वह ऐसा क्यों कर रही हैं। पति को ने पत्नी की सहेली से पता चला कि उनकी पत्नी 4 साल से एक लड़के के साथ अफेयर में है। उन्होंने पत्नी को वॉट्सऐप पर मेसेज भेजे कि 6 साल की बेटी की जिंदगी खराब कर दी। उसके बाद पत्नी ने साइबर सेल में जाकर शिकायत कर दी।
आरोप है कि साइबर सेल थाने से इंस्पेक्टर और एएसआई सादे कपड़ों में 14 जून को उसके घर आए। गाली गलौज और पूरे परिवार को पीटते हुए जेल ले जाने और जेल में बंद करने की धमकी दी। उनसे 2 लाख रुपये की डिमांड की गई। आरोप है कि दोनों पुलिसवाले घर से कुछ कैश लेकर गए और बाकी पैसे के लिए दो दिन बाद थाने बुलाया। पीड़ित ने उनकी गाड़ी का नंबर और दोनों की सीसीटीवी फुटेज सेव कर ली। साथ ही वॉइस रिकॉर्ड भी कर लिए। आरोप है कि दो दिन बाद वह थाने पहुंचे। जहां कई घंटे बिठाए रखा। धमकी दी कि पैसे मंगवा ले नहीं तो अंदर जाएगा। पीड़ित ने यह सारे प्रूफ, रिकॉर्डिंग, फुटेज अफसरों को दे दिए। आला अफसरों ने पीड़ित के साक्ष्यों को गंभीरता से लिया। शनिवार को पांडव नगर थाने में आईपीसी 384/385/506 /120 बी और 7 POC एक्ट के तहत दर्ज हुआ। इसके बाद एसएचओ और एएसआई को सस्पेंड कर दियाा गया।

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