सुवेंदु अधिकारी का बड़ा एक्शन, ममता सरकार का ‘पुलिस वेलफेयर बोर्ड’ किया भंग

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी द्वारा गठित 'पुलिस वेलफेयर बोर्ड' को भंग करने का एलान किया। उन्होंने कहा कि यह बोर्ड टीएमसी का राजनीतिक विंग बन गया था और अब राज्य में कानून का शासन स्थापित होगा।

कोलकाता/एजेंसी। बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक सुधारों को लेकर शनिवार को कड़े तेवर दिखाए हैं। अपने पहले जिला दौरे के दौरान डायमंड हार्बर में पुलिस अधिकारियों के साथ एक प्रशासनिक बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने साल 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा गठित ‘पुलिस वेलफेयर बोर्ड’ को तत्काल प्रभाव से भंग करने का बड़ा एलान किया।
सोमवार को इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। सुवेंदु अधिकारी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस बोर्ड का गठन पुलिस परिवारों के कल्याण के लिए हुआ था, वह अंततः तृणमूल कांग्रेस के एक राजनीतिक विंग (शाखा संगठन) में तब्दील हो गया, जिसका फायदा केवल शांतनु सिन्हा विश्वास जैसे भ्रष्ट अधिकारियों ने उठाया, जो हाल ही में ईडी द्वारा गिरफ्तार किए गए हैं।
मुख्यमंत्री, जो राज्य के गृह और पुलिस मंत्री भी हैं, ने स्पष्ट किया कि अब राज्य में ‘शासक का कानून नहीं, बल्कि कानून का शासन’ स्थापित होगा। उन्होंने पुलिस महकमे को निर्देश दिए हैं कि नए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत निष्पक्ष कार्रवाइयां की जाएं।
सुवेंदु अधिकारी ने पूर्ववर्ती सरकार के दौरान राजनीतिक हिंसा के शिकार हुए लोगों, थानों में प्रताड़ित महिलाओं और सरकारी योजनाओं के नाम पर ‘कटमनी’ देने वाले नागरिकों से सीधे पुलिस में एफआइआर दर्ज कराने की अपील की है।
प्रशासन को सख्त हिदायत देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आटो, टोटो चालकों और स्ट्रीट वेंडर्स (हाकर्स) से होने वाली अवैध वसूली (तोलाबाजी) को पूरी तरह बंद किया जाए। यदि कोई भी रसीद के बिना अवैध पैसों की मांग करता है, तो जनता सीधे थाने में शिकायत दर्ज कराए।
सुवेंदु अधिकारी ने चेतावनी दी कि झूठी शिकायतें करने वालों पर भी नजर रखी जाएगी, लेकिन यदि शिकायत सही पाई गई तो अपराधियों और दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ ऐसी कठोर कार्रवाई होगी जो नजीर बनेगी।

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