दिनदहाड़े शाहदरा थाने में चाकू लेकर घुसा, 6 जवानों पर किया ताबड़तोड़ हमला

नई दिल्ली। शाहदरा थाने की तीसरी मंजिल पर मौजूद जिले के साइबर थाने में बुधवार दोपहर कोहराम मच गया। एक युवक ने चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर चार पुलिसवालों को जख्मी कर दिया। शोर से ग्राउंड फ्लोर पर थाने का स्टाफ भी हरकत में आ गया। इस बीच खून से सना चाकू लिए युवक ने ग्राउंड फ्लोर पर थाने के एक पुलिसकर्मी और होम गार्ड को भी चाकू मार दिया। डीसीपी (शाहदरा) आर. सत्यसुंदरम ने बताया कि खूंखार हो चुके भरत भाटी (28) को थाने का गेट बंद कर काबू किया गया। घायलों में हेड कॉन्स्टेबल सुनील की हालत नाजुक है, जिन्हें एम्स ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है।पुलिस अफसरों ने बताया कि बुधवार दोपहर करीब 12:45 पर आरोपी भरत भाटी वहां पहुंचा। हेड कॉन्स्टेबल दीपक एक शिकायतकर्ता को सुन रहे थे। महिला स्टाफ भी था। इस दौरान भरत फोन से विडियो बनाने लगा। दीपक ने विडियो बनाने की वजह पूछी तो गाली-गलौज करने लगा। दीपक पकड़ने लगा तो उसने किचन वाला बड़ा चाकू निकालकर हमला कर दिया। दीपक को तीन जगह चाकू लगा। बचाव में आए सिपाही अमित को भी चाकू मार दिया। इसके बाद सीढ़ियों की ओर भागा। होमगार्ड रवि वर्मा और मनीष पकड़ने लगे तो उन पर भी वार किया।शोर होने पर नीचे शाहदरा थाने में तैनात हेड कॉन्स्टेबल सुनील और कॉन्स्टेबल नरेश ने भी उसे पकड़ने की कोशिश की तो उसने सुनील के सीने में भी चाकू घोंप दिया और नरेश पर भी कई वार किए। खूंखार हो चुका आरोपी काबू में नहीं आया तो थाने का गेट बंद करना पड़ा। आरोपी ने खुद की गर्दन पर भी चाकू रख कट लगा लिया। फिर अपना सिर दीवार पर पटक कर जख्मी कर लिया। इसी दौरान पुलिस टीम ने उसे काबू कर लिया। जख्मी छह जवानों और आरोपी को जीटीबी अस्पताल ले जाया गया। मनीष, नरेश और आरोपी भारत को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। होमगार्ड समेत तीन को मैक्स अस्पताल रेफर किया गया है। वहीं हेड कॉन्स्टेबल सुनील को एम्स ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया।
ने में घुसकर छह जवानों को जख्मी करने वाला भरत भाटी आदतन अपराधी नहीं है। वह साइबर थाने में क्यों गया था? चाकू अपने पास किसलिए रखा था? इसकी पड़ताल पुलिस कर रही है। पूछताछ पूरी होने के बाद ही खुलासा हो पाएगा। इतना जरूर पता चला है कि वो पिछले एक महीने से काफी डिप्रेशन में था। इसकी वजह थी, इसके पिता अशोक भाटी का आत्महत्या करना। रिश्तेदारों ने बताया कि मां की बचपन में ही मौत हो गई थी और पिता के स्यूसाइड करने के बाद से वह भीतर टूट गया था, लेकिन इस हरकत का अंदाजा किसी को नहीं था।पुलिस सूत्रों ने बताया कि भरत भाटी की फैमिली शाहदरा के बलबीर नगर इलाके में रहती है। वह जॉइंट फैमिली में रहता है। पिता अशोक भाटी भी दबंग प्रवृत्ति के थे, जिनका इलाके में दबदबा था। एक बड़ी बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। एक भाई है, जो जॉब करता है। करीब एक महीने पहले घर में हुई कहासुनी के दौरान पिता अशोक भाटी घर से चले गए थे। रेलवे पटरी पर उनकी लाश मिली, जिनके स्यूसाइड करने की बात सामने आई थी। इससे भरत डिप्रेशन में चला गया। पिता की अंत्येष्टि के समय श्मशान घाट पर पंडित से बुरी तरह झगड़ पड़ा था। परिजनों ने बमुश्किल शांत किया था।
परिजनों ने बताया कि बीबीए सेकंड ईयर के बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी थी। उसके पिता तीन भाई थे, जिनमें सिर्फ अब एक चाचा बचे हैं। कोरोना से एक साल पहले एक चाचा-चाची की मौत हो गई थी। भरत पहले से ही किसी ज्यादा नहीं बोलता था। वह अपने काम से काम रखता था। पिता अशोक भाटी ने मौत से तीन-चार महीने पहले एक राजनीतिक पार्टी भी रजिस्टर्ड कराई थी। इसका नाम अखंड आर्यवृत एक्सेस पार्टी रखा था। भरत फिलहाल दादा और दादी के साथ रहता था। पुलिस ने फिलहाल कातिलाना हमला समेत कई धाराओं में केस दर्ज कर भरत को गिरफ्तार कर लिया है। इस पर पहले एक एक्सिडेंट का केस दर्ज है।




