‘लहूलुहान’ हुई गाजियाबाद की हिंडन नदी, वायरल तस्वीर देख लीजिए

नोएडा। बहलोलपुर में बहने वाली हिंडन नदी में बेतहाशा तरीके से गिराए जा रहे केमिकल से नदी का एक हिस्सा सुर्ख लाल हो गया है। इसका प्रमुख जिम्मेदार नदी के चारों ओर बनी कई छोटी बड़ी अवैध डाइंग यूनिट्स को बताया जाता है, जिनमें कपड़ों की रंगाई आदि का काम होता है। ये सभी कारखाने तमाम सरकारी और न्यायिक हस्तक्षेप के बावजूद अवैध तरीके से दशकों से पनप रहे हैं। वहीं हिंडन के लाल स्वरूप की तस्वीर अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
स्थानीय लोगों के लिए, नदी के किनारे पर जमा कचरा और केमिकल डिस्चार्ज से बनीं लाल धाराओं का नजारा न तो नया है और न ही असमान्य। एक दिन यह नदी लाल दिखती है तो दूसरे दिन पीली वहीं कई बार नदी का पानी एकदम गाढ़ा काला नजर आता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी का रंग कारखानों में शर्ट, टी-शर्ट और टॉप आदि के रंगे जाने के रंग के आधार पर बदलता है।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के नवीनतम आदेशों और सरकारी विभागों को नदी की सफाई के लिए उपचारात्मक उपाय करने के निर्देश के बावजूद लगभग 30 रंगाई इकाइयां बहलोलपुर में काम करती हैं। हमसे बात करते हुए प्रदूषण विभाग के अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने इन अनधिकृत इकाइयों का बिजली कनेक्शन बंद करने के लिए कहा है।
उन्होंने कहा कि हमें सोमवार को नदी में लाल रंग छोड़े जाने का एक वीडियो मिला था, जिसपर कार्रवाई करते हुए हमने तुरंत एक टीम भेजी, जिसने अब तक 10 इकाइयों की पहचान की है। अधिकारियों ने कहा कि वास्तविक संख्या इससे अधिक है। ये सभी इकाइयां अवैध हैं क्योंकि गांव/आवासीय क्षेत्रों में इंडस्ट्री की अनुमति नहीं है। यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी प्रवीण कुमार ने कहा, हमने नोएडा प्राधिकरण से इन इकाइयों को तुरंत बंद करने और बिजली विभाग से उनका कनेक्शन काटने के लिए कहा है।
इन इकाइयों द्वारा छोड़े गए केमिकल्स और रंगों ने जल स्तर को दूषित कर दिया है, इससे ग्रामीण सहमे हुए हैं। कई लोगों ने पीने के प्रयोजनों के लिए नदी से प्राप्त पानी और फ़िल्टर किए गए पानी के साथ-साथ भूजल का उपयोग बंद कर दिया है।




