एसआईआर पर रोक की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा विपक्ष, राहुल गांधी समेत 11 नेताओं ने दाखिल की याचिका
राहुल गांधी के नेतृत्व में ‘इंडिया’ गठबंधन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगाने और पारदर्शिता की मांग की है।

नई दिल्ली,एजेंसी। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ने चुनाव आयोग के खिलाफ कानूनी मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य विपक्षी नेताओं ने दिल्ली में मार्च निकाला। इसके बाद राहुल गांधी सहित 11 विपक्षी नेताओं की ओर से सुप्रीम कोर्ट में संयुक्त याचिका दाखिल की गई। इसमें एसआईआर प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगाने, चुनाव आयोग से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने और मतदाता सूची में बदलावों की स्वतंत्र जांच कराने सहित कई मांगें की गई हैं।
याचिका में चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य चुनाव आयुक्तों को पक्षकार बनाया गया है। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाने और आयोग के फैसलों की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल हैं। याचिका में इन आरोपों की न्यायिक जांच कराने और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
यह कदम विपक्षी नेताओं की ओर से भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मुलाकात का समय मांगे जाने के बाद उठाया गया। रिपोर्टों के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश ने प्रस्तावित मुलाकात से इनकार करते हुए संबंधित मुद्दों को न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से उठाने का संकेत दिया था। इसके बाद विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने का रास्ता अपनाया।
याचिका में चुनाव आयोग से 24 जून 2025 से शुरू हुई एसआईआर प्रक्रिया से संबंधित फाइलें, बैठकों का विवरण, आपत्तियों के रिकॉर्ड, फाइल नोटिंग और ईसीआईनेट तथा ईआरओनेट प्रणालियों के अभिलेख अदालत में प्रस्तुत करने का निर्देश देने की मांग की गई है। विपक्ष ने यह भी अनुरोध किया है कि आयोग के फैसलों की संवैधानिक और कानूनी वैधता की जांच की जाए तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र समिति गठित करने की मांग भी रखी है। प्रस्तावित समिति में तकनीकी विशेषज्ञों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों को शामिल करने तथा एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए या बदले गए नामों का स्वतंत्र ऑडिट कराने का अनुरोध किया गया है। इसके अतिरिक्त, हटाए गए मतदाताओं के नाम, नाम हटाने के कारण और बूथवार विवरण सार्वजनिक करने की मांग की गई है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि किसी योग्य नागरिक का नाम पूर्व सूचना और सुनवाई का अवसर दिए बिना मतदाता सूची से नहीं हटाया जाना चाहिए। ऑनलाइन फॉर्म-6 को निर्धारित नियमों के अनुरूप रखने, पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़ने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने तथा चुनाव में इस्तेमाल होने वाली ईवीएम की तकनीकी संरचना और प्रक्रियाओं की समीक्षा करने की मांग भी शामिल है।
विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए एसआईआर प्रक्रिया पर देशभर में तत्काल अंतरिम रोक लगाने का अनुरोध किया है। याचिका में कहा गया है कि जब तक उठाए गए मुद्दों पर अंतिम फैसला नहीं होता, तब तक प्रक्रिया रोकना आवश्यक है। हालांकि, ये सभी याचिकाकर्ताओं की मांगें हैं; इन पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आना बाकी है।




