गणपति बप्पा मोरया के जयघोष के बीच मुंबई में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू
अनंत चतुर्दशी पर 12 दिवसीय गणेशोत्सव का समापन हो रहा है। मुंबई में सुबह से ही ढोल-ताशों और ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष के बीच गणेश प्रतिमाओं की विसर्जन शोभायात्राएं शुरू हो गईं।

मुंबई,एजेंसी। मुंबई और महाराष्ट्र समेत देशभर में 12 दिनों तक चले भव्य गणेशोत्सव का शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी के अवसर पर समापन हो रहा है। सुबह से ही मुंबई की सड़कों पर गणेश प्रतिमाओं की विसर्जन शोभायात्राओं का सिलसिला शुरू हो गया। ‘गणपति बप्पा मोरया, पुढच्या वर्षी लवकर या’ के जयघोष, ढोल-ताशों की गूंज, पारंपरिक संगीत और गुलाल-फूलों की वर्षा के बीच श्रद्धालु अपने आराध्य गणपति को भावभीनी विदाई दे रहे हैं।
सार्वजनिक गणेश पंडालों में सुबह विशेष पूजा और अंतिम महाआरती के बाद प्रमुख गणेश मंडलों की विसर्जन शोभायात्राएं निकलीं। दिन चढ़ने के साथ शहर के विभिन्न इलाकों से छोटी-बड़ी शोभायात्राओं का सिलसिला तेज हो गया, जो देर रात तक जारी रहने की संभावना है। मुंबई का लालबाग इलाका सुबह से ही श्रद्धालुओं से गुलजार रहा। महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे बड़ी संख्या में सड़कों के दोनों ओर खड़े होकर विसर्जन यात्रा में शामिल हुए और गणपति बप्पा के अंतिम दर्शन किए।
लालबागचा राजा की औपचारिक पूजा शुक्रवार सुबह 10 बजे की गई, जिसके बाद दोपहर 12 बजे उनकी भव्य विसर्जन शोभायात्रा शुरू हुई। लालबागचा राजा की विसर्जन यात्रा मुंबई की प्रमुख और लंबी शोभायात्राओं में शामिल है। यात्रा लालबाग मार्केट से शुरू होकर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मार्ग, भारत माता सिनेमा, लालबाग पुलिस चौकी, श्रॉफ बिल्डिंग, चिंचपोकली ब्रिज, भायखला रेलवे स्टेशन, हिंदुस्तान मस्जिद, मुंबई अग्निशमन दल मुख्यालय सहित विभिन्न मार्गों से होकर गिरगांव चौपाटी की ओर बढ़ेगी। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं और संगठनों की ओर से पुष्पवर्षा और स्वागत की व्यवस्था की गई है।
बताया गया है कि लालबागचा राजा का शाही विसर्जन जुलूस शनिवार सुबह छह बजे गिरगांव चौपाटी से अरब सागर में राफ्ट के जरिए विसर्जन प्रक्रिया के लिए आगे बढ़ेगा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए हैं।
गणेश विसर्जन को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए मुंबई पुलिस और बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। कानून-व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन के लिए 24 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। वहीं, सफाई, प्रकाश व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सहायता के लिए बीएमसी के 25 हजार से अधिक कर्मचारी ड्यूटी पर लगाए गए हैं।
प्राकृतिक जलाशयों के अलावा पर्यावरण-अनुकूल विसर्जन को बढ़ावा देने के लिए शहर में बड़ी संख्या में कृत्रिम विसर्जन तालाब बनाए गए हैं। प्रमुख चौपाटियों और विसर्जन स्थलों पर लाइफगार्ड, मोटरबोट, क्रेन, एंबुलेंस और चिकित्सा दलों को तैनात रखा गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित विसर्जन स्थलों का ही उपयोग करने, समुद्र और गहरे पानी में जाने से बचने तथा सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिस और नागरिक कर्मचारियों का सहयोग करने की अपील की है। उत्सव के अंतिम दिन मुंबई में भक्ति, उल्लास और भावनात्मक विदाई का यह सिलसिला देर रात तक जारी रहने की संभावना है।




